कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत अब बेरोजगारी के मुद्दे पर प्रदेश सरकार के खिलाफ धरना देंगे। इस मुद्दे पर वेबिनार के जरिये हरीश युवाओं से भी जुड़े। उन्होंने फेसबुक पेज पर दो लाख हिट्स का दावा करते हुए कहा कि इससे यह भी जाहिर है कि बेरोजगारी का मुद्दा प्रदेश में कितना गरमाया हुआ है।
वेबिनार में रावत ने कहा कि प्रदेश में नई भर्तियां नहीं हो रही हैं और स्वरोजगार में भी कई तरह की परेशानियां हैं। कोरोना काल में बेरोजगारी का यह संकट और गहरा गया है। रावत ने एक सितंबर को इस मुद्दे पर उपवास रखने की घोषणा की और कहा कि यह किसी भी तरह से राजनीतिक लड़ाई नहीं बल्कि युवाओं के जीवन यापन की लड़ाई है। रावत ने कहा कि वे प्रदेश सरकार से इस मामले में खुद बात करेंगे।
वेबिनार में युवाओं ने फॉरेस्ट गार्ड भर्ती परीक्षा का मामला उठाया और कहा कि जांच के नाम पर यह मामला ही लटक गया। प्रदेश में 1700 से अधिक फॉरेस्ट गार्ड भर्ती के लिए करीब डेढ़ लाख युवाओं ने आवेदन किया था। परीक्षा में धांधली का मामला सामने आने पर इस परीक्षा की एसआईटी जांच हो रही है।
कुछ युवाओं ने यह भी कहा कि गैरसैंण में सचिवालय बनने पर ही रोजगार का मामला सरकार के सामने पूरी तरह से खुलकर सामने आएगा। आईटी सेक्टर से जुड़े युवाओं ने कहा कि स्थानीय उत्पादों के लिए जीआई टैग की व्यवस्था होनी चाहिए। वेबिनार में बीएड प्रशिक्षित बेरोजगारों ने कहा कि नियुक्ति न हुईं तो वे आंदोलन को विवश होंगे।