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मुस्लिमों से इतनी नफरत तो उनका वोट भी न मांगे भाजपा विधायक संजय: इरशाद

Tue, 17 Jul 2018 08:45 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बहादराबाद
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शादी में सीएम रावत व मदन कौशिक - फोटो : file photo
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कांग्रेस के जिला महामंत्री मोहम्मद इरशाद ने लक्सर विधायक संजय गुप्ता पर मुस्लिम समाज को अपमानित करने का आरोप लगाया है। एक बयान में उन्होंने कहा कि पूर्व विधायक मोहम्मद  शहजाद के बेटे की शादी में आकर मुख्यमंत्री ने कोई गलत काम नहीं किया।

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लक्सर विधायक के 'झोटा बिरयानी' वाले बयान को उन्होंने आपत्तिजनक करार दिया। उन्होंने कहा कि मुस्लिमों से इतनी ही नफरत है तो अपने क्षेत्र में भी मुसलमानों से वोट नहीं  मांगना चाहिए। संजय गुप्ता भी एक जनप्रतिनिधि हैं। उन्हें भी सभी की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए। जनप्रतिनिधि होने के नाते वे भी कभी किसी मुस्लिम के यहां अवश्य गए होंगे या क्षेत्र में मुस्लिम समुदाय से वोट मांगा होगा। ऐसे में उनका ये बयान उनकी ओछी मानसिकता को दर्शाता है। 

उन्होंने कहा कि अगर ऐसी ही बात है तो संजय गुप्ता को अपनी पार्टी से मुस्लिम नेताओं को निकलवा देना चाहिए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी कह दें कि वे मुस्लिमों के बारे में कोई बात न करें और न ही मुस्लिमों से वोट मांगे। उन्होंने कहा कि विधायक संजय गुप्ता की पार्टी का नारा सबका साथ सबका विकास भी हटा देना चाहिए। 
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बसपा की बैठक पर सबकी टिकी निगाहें
पूर्व विधायक मोहम्मद शहजाद को निष्कासित करने के बाद बसपा प्रदेश संगठन ने बुधवार को प्रदेश कार्यालय में बैठक बुलाई है। शहजाद को बाहर करने के बाद पैदा हुआ ताजा सियासी समीकरणों को लेकर बसपा नेता मंथन करेंगे। इसके साथ पार्टी प्रदेश नेतृत्व पूरे प्रकरण के बाद डैमेज कंट्रोल को लेकर भी रणनीति तैयार करेगा। बसपा प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप बालियान ने बुधवार को शिवालिकनगर स्थित प्रदेश कार्यालय में हरिद्वार जनपद के संगठन के साथ ही पिछला विधानसभा चुनाव लड़े प्रत्याशियों और गढ़वाल क्षेत्र के लोकसभा समन्वयकों की बैठक बुलाई है।

बैठक का एजेंडा संगठन को आगामी लोकसभा चुनाव से पहले और मजबूत करने का है। माना जा रहा है कि पूर्व विधायक मोहम्मद शहजाद को 20 दिन बाद ही पार्टी से निष्कासित करने के बाद की परिस्थितियों के इर्दगिर्द चर्चा रहेगी। 25 जून को पार्टी में शामिल करने के बाद बसपा का प्रांतीय नेतृत्व संगठन की मजबूती के रूप में देख रहा था, लेकिन शनिवार को मोहम्मद शहजाद के बेटे की शादी में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत तथा शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक और काबीना मंत्री प्रकाश पंत के शामिल होने के बाद शहजाद को पार्टी से बाहर कर दिया। इसके बाद जिले में नए सियासी समीकरणों बनने लगे हैं। हालांकि बसपा के प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप बालियान का कहना है कि मोहम्मद शहजाद अब पार्टी के लिए बीता अध्याय हो गए हैं। पार्टी हाईकमान के आदेश पर जो कार्रवाई की जानी थी वह कर दी गई है। अब इस बारे में कोई चर्चा की गुंजाइश भी नहीं बची है।
 
शहजाद के निष्कासन से निकला फुरकान की राह का कांटा       
पूर्व विधायक मोहम्मद शहजाद का कलियर विधानसभा में खासा प्रभाव माना जाता है। इसी वजूद के कारण शहजाद विगत विधानसभा चुनाव में हार के बावजूद बतौर निर्दलीय 23 हजार 843 वोट वोट पाने में कामयाब रहे थे। शहजाद के बसपा में आने के बाद मौजूदा विधायक फुरकान के लिए खतरे की घंटे बज गई थी। अब उनके निष्कासित होते ही फुरकान की राह का कांटा निकल गया है।

मोहम्मद शहजाद के हाल ही में बसपा ज्वाइन करने के बाद से क्षेत्र की राजनीति में बड़ा परिवर्तन के संकेत मिलने लगे थे, इससे माना जा रहा था कि अब कई सीटों पर बसपा मजबूत होगी। सबसे बड़ा खतरा कलियर विधानसभा में कांग्रेस के विधायक फुरकान अहमद के लिए था, क्योंकि पिछले चुनाव में जहां फुरकान को 29 हजार 243 वोट मिले थे, वहीं दूसरे स्थान पर रही भाजपा के जगभगवान सैनी को 27 हजार 894 वोट मिले थे। जबकि निर्दलीय प्रत्याशी होने के बावजूद शहजाद ने 23 हजार 843 वोट हासिल कर राजनीतिक पंडितों को भी चौंका दिया था।

तब लोगों का कहना था कि यदि शहजाद के पास कांग्रेस या बसपा का टिकट होता तो उन्हें कोई हराने वाला नहीं था। यही कारण है कि विगत दिनों शहजाद के बसपा ज्वाइन करने से राजनीतिक हलकों में बेचैनी थी। माना जा रहा था कि आने वाले चुनावों में शहजाद ही बसपा का चेहरा होंगे। लेकिन अचानक बदले राजनीतिक घटनाक्रम ने समीकरणों को एक बार फिर पुराने दौर में ला खड़ा किया है। शहजाद के जाने से फुरकान को फौरी राहत तो मिली है। अब देखना है कि शहजाद कांग्रेस या भाजपा में से किसका दामन थामते हैं। चूंकि बतौर निर्दलीय फुरकान उनपर भारी पड़े थे, ऐसे में उनका किसी पार्टी को ज्वाइन करना तय माना जा रहा है। 

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