अपर पुलिस अधीक्षक स्वतंत्र कुमार, सीओ कैलाश पंवार की अगुवाई में तीन इंस्पेक्टर दूसरे दिन भी आरोपी दरोगा दिनेश नेगी, कांस्टेबल हिमांशु उपाध्याय, मनोज अधिकारी और कांग्रेसी नेता अनुपम शर्मा से पूछताछ में जुटे रहे।
घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज और काल डिटेल से जुड़े साक्ष्यों के बावजूद एसटीएफ की पूछताछ आरोपियों को टस से मस नहीं कर पाई है। एसटीएफ के सामने लूट के आरोप को साबित करने की सबसे बड़ी चुनौती है। शिकायतकर्ता अनुरोध पंवार भी बैग में मौजूद रकम को लेकर कुछ साफ नहीं बता पा रहे हैं।
इसी बीच आरोपियों के शुभचिंतकाें ने उन्हें अवैध हिरासत में रखने का आरोप लगाते हुए पेशबंदी शुरू कर दी। बदलते घटनाक्रम में एसटीएफ ने भी अधिकारियाें से मंत्रणा कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर ली।
मामले में उप निरीक्षक दिनेश नेगी, कांस्टेबल हिमांशु उपाध्याय और मनोज अधिकारी और मुकदमे में आरोपी कांग्रेस नेता अनुपम शर्मा की मंगलवार रात गिरफ्तारी दर्शा दी गई। एसटीएफ आफिस से इन पुलिसकर्मियाें को रात में डालनवाला कोतवाली भेज दिया गया।
मंगलवार की रात उन्हें हवालात में गुजारनी होगी। बुधवार सुबह आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। अधिकारियों के अनुसार आरोपियों का लूट, साजिश और अपहरण की धारा में चालान किया गया है।
एसटीएफ कार्यालय में गुजरी आरोपियों की रात
आरोपी तीनाें पुलिसकर्मियाें और कांग्रेस नेता की रात एसटीएफ कार्यालय में ही गुजरी। सोमवार रात अलग-अलग कमरो में उन्हें सोने के लिए दरी और चादर उपलब्ध कराई गई थी। एसटीएफ के उप निरीक्षकों और कांस्टेबलाें को उनकी निगरानी पर लगाया गया था, जो रात भर उन पर नजर गड़ाए रहे।
एसटीएफ ने पुलिस लूट प्रकरण में सोमवार को तीन पुलिसकर्मियों के अलावा आरोपी कांग्रेस नेता को भी पूछताछ को बुलाया था। एएसपी स्वतंत्र कुमार और सीओ कैलाश पंवार की अगुवाई में सुबह दस बजे से लेकर रात नौ बजे तक उनसे पूछताछ का सिलसिला चला। आरोपियों से अलग-अलग पूछताछ की गई। इसके बाद रात में अलग-अलग कमराें में उन्हें रखा गया।
अधिकारियाें ने रात भर उनकी निगरानी को दरोगा और सिपाहियाें की ड्यूटी लगाई। एसटीएफ के टीम ने रात भर जागकर उनकी पहरेदारी की। हालांकि आरोपी आधी रात से पहले ही खर्राटे भरते नजर आए। अलबत्ता सुबह जरूर वे जल्दी उठ गए और एसटीएफ की अगली कार्रवाई का इंतजार करते रहे।