यूएसनगर में एनएच -74 के करीब 300 करोड़ रुपये के घोटाले में चल रही एसआईटी जांच में यदि इस तथ्य की पुष्टि हो गई कि कांग्रेस के खाते में घोटालेबाजों पर दबाव डालकर चंदा वसूला गया तो ऐसी स्थिति में कतिपय कांग्रेस नेताओं की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
एसआईटी को ऐसा संदेह है कि एनएच 74 के चौड़ीकरण के कार्य में अधिग्रहित कृषि भूमि को अकृषि भूमि दर्शाकर जिन किसानों ने मोटा मुआवजा वसूला, उन्होंने इस मेहरबानी के एवज में चुनावी चंदे के रूप में मोटी रकम दी। एसआईटी तीन प्रमुख कड़ियों को जोड़कर जांच को आगे बढ़ा रही है। पहली कड़ी वे काश्तकार है जिन्होंने अनधिकृत रूप से मुआवजा डकार लिया। दूसरा, अवैध मुआवजा वसूलने वालों में से कौन काश्तकार हैं जिन्होंने कांग्रेस को चंदा दिया। तीसरा, पार्टी को चंदा देने के लिए क्या दबाव डाला गया? यदि ऐसा हुआ तो दबाव डालने वाला कौन है? सूत्रों की मानें तो जसपुर और काशीपुर तहसील के आठ काश्तकार एसआईटी के निशाने पर हैं। इन पर उसे संदेह है कि उन्होंने कांग्रेस के खाते में चंदा दिया। माना जा रहा है कि कांग्रेस के खाते की डिटेल में एक बिल्डर की ओर से 15 लाख रुपये डाले जाने का तथ्य मिलने के बाद एसआईटी ने कांग्रेस नेताओं से पूछताछ की कवायद शुरू की।