पार्टी की दूसरी सूची में भी तीन महिलाओं को टिकट दिया गया है। जबकि पहली सूची में भी तीन महिलाओं के नाम बाहर आए थे। इस तरह से पार्टी अभी तक 64 प्रत्याशियों की सूची में छह महिलाओं को टिकट दे चुकी है। इस बार पार्टी ने ज्वालापुर से बरखा रानी, लालकुआं से संध्या डालाकोटी तो लैंसडौन से अनुकृति गुसाईं को मैदान में उतारा है। जबकि पहली सूची में मसूरी से गोदावरी थापली, भगवानपुर से ममता राकेश और रुद्रपुर से मीना शर्मा को मैदान में उतारा जा चुका है।
बड़ा सवाल: मीडिया में पहले किसने लीक की सूची
पार्टी की ओर से अधिकारिक तौर पर जारी की गई सूची से करीब ढाई घंटे पहले ही हूबहू सूची मीडिया के पास पहुंच चुकी थी। थोड़ी ही देर में यह सूची सोशल मीडिया में वायरल हो गई। इससे सवाल उठ रहे हैं कि आखिर एक राष्ट्रीय पार्टी की इतनी महत्वपूर्ण सूची कैसे लीक हो गई। उत्तराखंड में यह सूची नेता प्रतिपक्ष के ऑफिशियल मीडिया सीएलपी ग्रुप में सात बजकर 18 मिनट पर जारी कर दी गई थी। इस बारे में मीडिया कर्मियों ने नेता प्रतिपक्ष से बात करने के लिए संपर्क साधना चाहा तो, उनका फोन लगातार बंद आ रहा था। ऐसे में कांग्रेस के तमाम वरिष्ठ नेताओं की ओर से यही कहा गया कि अभी तक अधिकारिक तौर पर सूची जारी नहीं हुई । इस संबंध पार्टी प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि सूची कैसे लीक हुई, इस बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। लेकिन, यह गंभीर विषय है।
बची सीटों की उम्मीदवारी पर पार्टी गुणाभाग में जुटी
विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस में अभी छह सीटों पर नाम बाहर आने बाकी है। जबकि इनमें टिहरी ही ऐसी सीट है, जिस पर भाजपा की ओर से भी अभी किसी प्रत्याशी की घोषणा नहीं की गई है। सूत्रों के मुताबिक टिहरी जिले की नरेंद्र नगर में कांग्रेस को किसी मजबूत उम्मीदवार की तलाश है। पिछले चुनाव में इस सीट पर निर्दलीय मैदान में उतरे ओम गोपाल रावत कांग्रेस के संपर्क में हैं। माना जा रहा है कि ओम गोपाल को पार्टी में शामिल कराते हुए उन्हें मैदान में उतारा जा सकता है। जबकि टिहरी से पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय का मामला अभी तक नहीं सुलटा है। इस सीट पर पार्टी किशोर को अभयदान देते हुए मैदान में उतार सकती है।
कुमाऊं की सल्ट सीट से रणजीत रावत को मैदान में उतारे जाने को लेकर मनाया जा रहा है। लेकिन इसके लिए अभी तक उन्होंने हामी नहीं भरी है। वहीं हरिद्वार ग्रामीण की सीट पूर्व सीएम हरीश रावत की बेटी अनुपमा रावत के खाते में जा सकती है। रुड़की को लेकर संशय बरकरार है। यहां पार्टी मनोहर लाल शर्मा पर दांव खेल सकती है। वह वर्ष 2007 में भी कांग्रेस से किस्मत अजमा चुके हैं। पिछली बार पार्टी ने सुरेश जैन को मौका दिया था, लेकिन हार के बाद वह भाजपा में शामिल हो गए थे। वहीं, चौबट्टाखाल सीट पर पार्टी पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत को मैदान में उतार सकती है। यदि ऐसा हुआ तो यशपाल आर्य के बाद हरीश रावत और हरक सिंह रावत वह व्यक्ति होंगे, जिन्हें एक परिवार से दो लोगों को टिकट मिलेगा। संभव है कि पार्टी की तीसरी और फाइनल सूची आज कल में बाहर आ जाए।