प्रदेश कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों के पहली सूची जनवरी माह के पहले हफ्ते में जारी कर देगी। साथ ही पार्टी सियासी संकट के दौरान साथ देने वालों की अनदेखी नहीं करेगी। शुक्रवार को दिल्ली में उत्तराखंड सदन में कुमारी शैलजा वाली स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में टिकट के दावेदारों के नामों पर गहनता से मंथन हुआ।
इस बैठक में प्रदेश चुनाव समिति के सदस्यों ने शिरकत की। सरकार की वरिष्ठ मंत्री डॉ. इंदिरा हृदयेश ने सिटिंग विधायकों को टिकट देने की पैरवी करते हुये कहा कि तमाम प्रलोभनों के बीच जिन्होंने संकट के समय पार्टी का साथ दिया, उनकी अनदेखी नहीं की जा सकती। अलबत्ता उन्होंने पीडीएफ के मामले में कहा कि अच्छा हो यदि वे कांग्रेस के सिंबल पर चुनाव लड़ें।
उत्तराखंड सदन में करीब सात घंटे चली इस बैठक में एआईसीसी के सचिव व प्रदेश सहप्रभारी संजय कपूर, कैबिनेट मंत्री प्रीतम सिंह, सांसद महेन्द्र सिंह माहरा, महिला कांग्रेस अध्यक्ष सरिता आर्य, युवा कांग्रेस के अध्यक्ष भुवन कापड़ी समेत प्रदेश चुनाव समिति के सदस्यों ने शिरकत की।
कांग्रेस के टिकट पर लड़ सकते हैं पीडीएफ एमएलए
Indira Hridayesh
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बैठक में सभी सदस्यों ने टिकट की दावेदारी को लेकर अपना पक्ष रखा। सूत्रों की मानें तो वरिष्ठ मंत्री डॉ. इंदिरा हृदयेश ने विधायकों का पक्ष रखा। उनका कहना था कि सियासी संकट के दौरान जिन्होंने पार्टी और सरकार का साथ दिया, उन्हें मजबूत किया जाना चाहिए। इंदिरा का इशारा कांग्रेस विधायकों के अलावा पीडीएफ के सदस्यों की ओर भी था। अलबत्ता उन्होंने यह भी जरूर कहा कि अच्छा होगा यदि पीडीएफ कांग्रेस से चुनाव लड़े।
मजेदार बात यह है कि स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक से सुबह लौटे मुख्यमंत्री के बयान की भी यही भावना थी। उन्होंने कहा,‘जो हमारे संकट के साथी रहे, उन्हें हम मजबूत करेंगे, इससे पार्टी भी मजबूत होगी।’ संकेत साफ हैं कि बैठक में पीडीएफ के सदस्यों को पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ाने की तैयारी है।
चार जनवरी को फिर बैठक
स्क्रीनिंग कमेटी की दो दौर की बैठक के बाद अगली बैठक चार जनवरी होगी। इस बैठक में पार्टी प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर देगी। सूत्रों की मानें तो सिटिंग विधायकों को दोबारा मैदान में उतारे जाने पर सहमति बन चुकी है। पीडीएफ व भाजपा छोड़कर कांग्रेस में आए भीमताल के विधायक दान सिंह भंडारी पर मंथन चल रहा है।