फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हर संग हरदा बेरोजगारी भत्ता कार्ड मामले में बैकफुट पर कांग्रेस

Sun, 12 Feb 2017 08:26 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
हरीश रावत - फोटो : Self
विज्ञापन
निर्वाचन आयोग की रोक के बाद भी उत्तराखंड में बेरोजगारी भत्ता कार्ड के वितरण और आनलाइन रजिस्ट्रेशन पर कांग्रेस बैकफुट में आ गई है। कांग्रेस की ओर से आयोग को दिए गए नोटिस के जवाब में कहा गया है कि पार्टी की ओर से इस तरह का कोई रजिस्ट्रेशन नहीं किया जा रहा। यदि कोई पार्टी समर्थक रजिस्ट्रेशन कर रहा हो तो पार्टी की ओर से उसे ऐसा करने से रोका जाएगा।
विज्ञापन


कांग्रेस की ओर से बेरोजगारी भत्ता कार्ड लांच कर बेरोजगारों को रजिस्ट्रेशन के सौ दिन के भीतर 2500 रुपये बेरोजगारी भत्ता दिए जाने का वादा किया गया था, लेकिन निर्वाचन आयोग की ओर से इसे आचार संहिता का उल्लंघन बताते हुए रजिस्ट्रेशन पर रोक लगा दी गई थी। इसके बावजूद प्रदेश भर में बेरोजगारी भत्ता कार्ड बांटे गए।

निर्वाचन आयोग की ओर से इस मामले में नौ फरवरी शाम पांच बजे तक कांग्रेस से जवाब मांगा गया था, लेकिन कांग्रेस की ओर से निर्धारित समय पर जवाब न दिए जाने पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर बेरोजगारों के आनलाइन रजिस्ट्रेशन और इससे संबंधित वेबसाइट पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए थे। वहीं कांग्रेस को रविवार सुबह नौ बजे तक जवाब दाखिल करने का अल्टीमेटम दिया गया था।
विज्ञापन


आयोग के कड़े रुख के बाद कांग्रेस की ओर से आयोग में जवाब दाखिल कर दिया गया है। आयोग को दिए जवाब में पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष जोत सिंह बिष्ट ने कहा कि पार्टी की ओर से सोशल मीडिया माध्यमों से किसी भी तरह का बेरोजगारी भत्ता कार्ड संबंधी कोई कार्य नहीं किया जा रहा है। हो सकता है कि किसी पार्टी समर्थक व्यक्ति या समूह द्वारा यह कार्य किया गया हो। उन्होंने आश्वस्त किया है कि यदि ऐसा है तो पार्टी द्वारा अपने समर्थकों को ऐसा करने से रोका जाएगा।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी राधा रतूड़ी ने बताया है कि बेरोजगारी भत्ता कार्ड के वितरण पर पहले से ही रोक लगाई जा चुकी है और ऐसा करने वालों के खिलाफ  कार्रवाई की जा रही है। बेरोजगारी भत्ते हेतु आनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया वाली वेबसाइट पर रोक लगाने के लिए पुलिस महानिदेशक द्वारा प्रभावी कार्यवाही करते हुए इसे बंद करा दिया गया है। वहीं पुलिस ने मामले में आईटी एक्ट में मुकदमा दर्ज कराया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें