वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत के बावजूद सरकार जन अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर सकी है। अन्य लोगों के साथ भाजपा के कार्यकर्ता भी सरकार के कार्यों से खुश नहीं हैं। इसीलिए सरकार जल्द चुनाव करवाकर जनता के बीच नहीं जाना चाहती।
राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि वह निर्वाचन की सभी व्यवस्थाएं समय से उपलब्ध कराए। सरकार आर्थिक कारणों से चुनाव नहीं करवा रही है, तो राज्य में विकास एवं अन्य कार्य कैसे होंगे। यदि आयोग को सार्वजनिक रूप से ऐसा कहना पड़ रहा है तो यह बेहद दुखद स्थिति है।
-इंदिरा हृदयेश, नेता प्रतिपक्ष
सरकार ने पहले परिसीमन और फिर आरक्षण के नाम पर चुनाव लटकाने का प्रयास किया है। अब चुनाव आयोग को निष्पक्ष चुनाव के लिए धन नहीं उपलब्ध कराया जा रहा है। दरअसल, सरकार जानती है कि अभी चुनाव हुए तो राज्य की जनता उन्हें कड़ा सबक सिखाएगी। यह संकट खड़ा करने के लिए सरकार की निंदा के लिए शब्द ढूंढने भी कठिन हो रहे हैं।
-हरीश रावत, पूर्व मुख्यमंत्री