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पहाड़ों पर हो रहा भूस्खलन रोकेगी ‘कंक्रीट की दीवार’

Thu, 25 Jun 2015 08:22 AM IST
रजा शास्त्री/ अमर उजाला, देहरादून
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पहाड़ों से भूस्खलन रोकने के लिए अब कंक्रीट की दीवार बनाई जाएगी। गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के ऐसे 20 स्थानों पर जहां भूस्खलन का खतरा बना हुआ है वहां विशेष दीवार बनाने की तैयारी है।
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इस संबंध में लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) ने आठ विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) भी तैयार कर ली है। पहले चरण में करीब 35 करोड़ रुपए का खर्चा आएगा। इस काम की जिम्मेदारी टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कारपोरेशन (टीएचडीसी) को सौंपी गई है।

पहाड़ से भूस्खलन होने के कारण अक्सर रास्तें बंद हो जाते हैं। जिससे पर्यटकों, तीर्थयात्रियों के साथ ही स्थानीय लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। भूस्खलन की इस समस्या से छुटकारा दिलाने के लोक निर्माण विभाग तैयारियों में जुट गया है।
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इस योजना के पहले चरण में ‘ए श्रेणी’ के 20 स्लाइड जोन पर काम शुरू किया जा रहा है। इन स्थानों को चिह्नित करने के बाद मिट्टी आदि की जांच करा ली गई है। लोनिवि ने इनमें से आठ स्थानों की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट भी तैयार कर ली है।

भूस्खलन वाले इन स्थानों पर परंपरागत तरीकों के अलावा देसी-विदेशी आधा दर्जन तकनीक को मिलाकर दीवार बनाने का ऐसा फार्मूला तैयार किया गया है जिससे भूस्खलन की समस्या का समाधान हो जाएगा।
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टीएचडीसी को इस कार्य है में विशेषज्ञता

लोक निर्माण विभाग ने भूस्खलन वाले इन स्थानों के लिए टीएचडीसी से वर्ष 2013 में अनुबंध किया था। वरिष्ठ भूगर्भ वेत्ता विजय डंगवाल ने बताया कि अब सर्वे, मिट्टी की जांच आदि कार्य पूरे हो चुके हैं।

दीवार बनाने का काम शुरू होगा। उन्होंने बताया कि टीएचडीसी को इस कार्य में विशेषज्ञता है। इसके पहले भूस्खलन रोकने के लिए टीएचडीसी ने वरुणावत और वैष्णो देवी पर्वत (जम्मू-कश्मीर) की डिजाइन तैयार की थी।

इन तकनीक से बना फार्मूलाआरई वॉल, डेबियन वॉल, कंक्रीट फेसिया वॉल, सॉथल नेलिंग, रॉक बेल्डिंग आदि।

प्रदेश में भूस्खलन वाले 43 स्थान चिह्नित हैं। लोनिवि 20 स्थानों पर भूस्खलन रोकने के लिए काम कर रहा है। कंक्रीट की दीवार बनाने की डिजाइन तैयार कर ली गई है। आठ डीपीआर फाइनल हो गया है, इस पर करीब 35 करोड़ रुपये का खर्चा आएगा।
- एचके उप्रेती, प्रमुख अभियंता, लोक निर्माण विभाग

ये हैं क्रोनिक स्लाइड जोन
नैनीताल-भवाली मोटर मार्ग (1 किमी), खैरना-रानीखेत मोटर मार्ग (1 किमी), हरिपुर-इच्छाड़ी-क्वानु-मीनस मोटर मार्ग (31 किमी), हरिपुर-इच्छाड़ी-क्वानु-मीनस मोटर मार्ग (33 किमी), कर्णप्रयाग-ग्वालदम-जौलजीबी राज्य मार्ग संख्या-11 (166 किमी), कर्णप्रयाग-ग्वालदम-जौलजीबी राज्य मार्ग संख्या-11 (168 किमी), पीपल डाली रजाखेत मोटर मार्ग (1 किमी), त्यूणी-चक राता-यमुनापुल-मसूरी-चंबा-नई टिहरी-कीर्तिनगर मोटरमार्ग का केम्पटीफाल बाईपास (कैंप चड़ोगी), अगलाड़-थत्यूड़ मोटर मार्ग (10 किमी), गुप्तकाशी-जखोली (17 किमी) छेनागाढ़, जखोली-गुप्तकाशी मोटर मार्ग (11 किमी), रुद्रप्रयाग-पोखरी-गोपेश्वर मोटर मार्ग (12 किमी) और रुद्रप्रयाग-पोखरी-गोपेश्वर मोटर मार्ग (18 किमी), कपकोट-सौंग पिंडारी ग्लेशियर मोटर मार्ग (3 किमी), कपकोट-सौंग पिंडारी ग्लेशियर मोटर मार्ग (8 किमी), कपकोट-सामा-तेजम मोटर मार्ग (66 किमी), थराली-देवाल-मुंदोली-वाण मोटर मार्ग (9 किमी), थराली-देवाल-मुंदोली-वाण मोटर मार्ग (35 किमी), प्रतापनगर-टिहरी मोटर मार्ग (19)।
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