उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच की तहसील स्थित शहीद स्थल पर हुई बैठक में बढ़ती आपराधिक घटनाओं पर चिंता जताई गई। वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी पुष्पलता सीलमाणा व सत्या पोखरियाल ने कहा कि हमने एक आदर्श राज्य की कल्पना के लिए संघर्ष किया था, लेकिन जिस प्रकार लगातार आपराधिक घटनाएं बढ़ी हैं, वह बेहद चिंताजनक हैं।
उन्होंने कहा कि पर्यटन स्थलों पर हुड़दंग, वाहनों की भारी आवाज, हॉर्न की तेज आवाज, बढ़ती नकबजनी, चोरी सहित लड़कियों के साथ छेड़खानी जैसी घटनाएं आम हो गई हैं। प्रदेश अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी एवं केशव उनियाल ने कहा कि अभी हाल ही में मंच ने एसएसपी को ज्ञापन दिया था, लेकिन उसका कोई सुखद परिणाम नहीं निकला। प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप कुकरेती एवं राधा तिवारी ने मुख्यमंत्री से व मुख्य सचिव से अपील की है कि कानून व्यवस्था पर समीक्षा बैठक करें और प्रत्येक जिलास्तर पर थानावार जिम्मेदारी तय हो। फुटपाथ से लेकर सड़क तक अतिक्रमण है। बाहरी छात्रों का सत्यापन कराया जाए।
पर्यटक स्थलों पर सिविल पुलिस तैनात की जाए। निर्णय लिया गया कि मंच का प्रतिनिधिमंडल अगले सप्ताह डीजीपी को ज्ञापन प्रेषित करेगा। जिसमें एक माह का समय दिया जाएगा और यदि उसके बाद भी स्थिति में सुधार नहीं होता तो संगठन मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेगा। इस दौरान केशव उनियाल, रामलाल खंडूड़ी, गणेश डंगवाल, हरी मेहर, मनोज नौटियाल, चंद्रकिरण राणा, संतन सिंह रावत, गौरव खंडूड़ी, ललित चंद्र जोशी, मोहन खत्री आदि मौजूद रहे।