देहरादून। विश्व जागृति मिशन की ओर से अपरतुनवाला आश्रम में शुक्रवार को आयोजित सत्संग में संत सुधांशु महाराज के प्रवचन सुनने के लिए बड़ी संख्या में दूनवासी पहुंचे। प्रवचन के दौरान सुधांशु महाराज ने मानव जीवन में एकाग्रता के महत्व का वर्णन किया।
सुधांशु महाराज ने कहा कि हमारा जन्म अनेक जन्मों की कड़ी है जैसे माला के मोती। जैसे माला घूमती है जन्म मरण का चक्र चलता है। दुख हमें ऐसे बांध लेते हैं कि सांस लेना मुश्किल हो जाता है। घुट घुट कर जीते हैं। जन्म बीत जाता है अगले जन्म में भी ऐसा ही होता है। अलग-अलग जन्मों (84 लाख योनियों) के बाद आत्मा मनुष्य बनती है। इसलिए हमें नकारात्मकता और सकारात्मकता की सार्थकता को समझना होगा। जीवन सुखी बनाने को यह बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि खुशी एक ऐसा एहसास है जिसके लिए किसी कारण की आवश्यकता नहीं हैं। व्यक्ति बिना किसी कारण के भी खुश रह सकता है। सत्संग समापन से पूर्व अनेक भक्तों ने महाराज का आशीर्वाद लिया। इसके बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया।
श्रद्धालुओं के लिए लगाए वाहन
अपरतुन वाला में आयोजित सत्संग में पहुंचने के लिए भक्तों को परेशानी न हो, इसका विशेष ध्यान रखा गया। मिशन की ओर से पांच क्षेत्रों में बसें लगाई गईं। प्रधान सुधीर शर्मा के मुताबिक जाखन, प्रेमनगर, निरंजनपुर, जोगीवाला, विकासनगर से निशुल्क बसों का संचालन किया गया। इसके पहले संत सुधांशु महाराज के जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचने के बाद केशर विहार स्थित प्रधान सुधीर के आवास पर पहुंचे। जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान उनके दर्शन के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी।
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