ओलावृष्टि से नष्ट हुई फसलों के एवज में हरिद्वार के दो हजार से ज्यादा किसानों को मुआवजा देने का रास्ता साफ हो गया है।
पढ़ें, यह किला सुनाता है अंग्रेजों के जुल्म की दास्तां
केंद्रीय निर्वाचन आयोग ने राज्य सरकार के इस प्रस्ताव पर अपनी मुहर लगा दी है। इसके अलावा चार जिलों में आपदा से जुड़े करोड़ों रुपए के कार्यों की टेंडर प्रक्रिया शुरू करने की मंजूरी भी दे दी है।
एक करोड़ से ऊपर बैठती है धनराशि
विगत फरवरी माह में ओलावृष्टि से हरिद्वार जनपद में कृषि फसलों को व्यापक पैमाने पर क्षति पहुंची थी। पूरे जिले में 1271 हेक्टेयर भूमि पर फसल बर्बाद हुई। यह धनराशि एक करोड़ से ऊपर बैठती है।
पढ़ें, यहां 50 प्रतिशत मतदाता भी नहीं करते मतदान
किसानों की क्षतिपूर्ति के लिए सरकार ने विगत 05 मार्च को मुख्यमंत्री राहत कोष से 8000 रुपए प्रति हेक्टेयर की दर से मुआवजा राशि देने का प्रस्ताव निर्वाचन आयोग को भेजा।
बगैर किसी प्रचार प्रसार के होगा काम
बुधवार को निर्वाचन आयोग ने सरकार के इस प्रस्ताव को सशर्त मंजूर करते हुए यह हिदायत दी कि यह कार्य बगैर किसी प्रचार प्रसार व बिना किसी राजनीतिक कार्यकर्ता की संलिप्तता को सुनिश्चित किया जाए।
पढ़ें, सीएम के इलाके में चेलों के लिए गुरु नहीं
इसके अलावा अल्मोड़ा जनपद में दैवी आपदा से क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों के पुनर्निर्माण व मरम्मत के डेढ़ दर्जन कार्यों को भी आयोग ने मंजूरी दे दी है।
पढ़ें, ‘फरार’ शिक्षामंत्री के पास बचे सिर्फ दो दिन
पिथौरागढ़ में दैवी आपदा से क्षतिग्रस्त सिंचाई विभाग की परिसंपत्तियों के पुनर्निर्माण, नैनीताल में क्षतिग्रस्त हुई परियोजनाओं व परिसंपत्तियों का पुनर्निर्माण के काम को मंजूरी के बाद टिहरी जिले की घनसाली तहसील में कई निर्माण प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है।