गुरुग्राम की एक कंपनी ने दून की मोबाइल कारोबारी से पांच करोड़ रुपये हड़प लिए। कंपनी ने एडवांस के रूप में आठ करोड़ रुपये लिए लेकिन माल नहीं भेजा। पैसे वापसी का जब दबाव बनाया तो इसमें तीन करोड़ रुपये तो वापस कर दिए लेकिन कंपनी पांच करोड़ दबाकर बैठ गई। अब पीड़ित महिला कारोबारी की शिकायत पर पुलिस ने कंपनी के अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
मामले में राजपुर रोड की रहने वाली कारोबारी नेहा मित्तल ने पुलिस को शिकायत की है। उनकी टीएनएस सोल्यूशंस नाम से फर्म है। उन्होंने पुलिस को बताया कि वह गुरुग्राम स्थित मैसर्स एमडीएम टेलीवेंचर प्राइवेट से दो सालों से कारोबार कर रही थीं। हर बार एडवांस देकर ही कंपनी से मोबाइल खरीदे जाते थे। कंपनी के पास आठ करोड़ रुपये एडवांस के रूप में जमा थे। इस कंपनी में अशोक कुमार और सिल्का सलोनी डायरेक्टर हैं। जबकि, मुनीष मित्तल और प्रदीप्तो गांगूली नाम के व्यक्ति अकाउंटेंट हैं। गत 22 नवंबर 2022 को गांगूली नेहा मित्तल के घर आए। उन्होंने और अधिक एडवांस रूपये मांगे। लेकिन, मित्तल ने पहला हिसाब चुकता करने की बात कहकर एडवांस नहीं दिया।
इस पर गांगूली ने उन्हें गुरुग्राम स्थित कार्यालय में बुलाया। गत 24 नवंबर को नेहा और उनके पति बातचीत के लिए कंपनी के कार्यालय पहुंचे। यहां शुरुआत में बात नहीं बनी तो उन्होंने पुलिस से शिकायत की चेतावनी दी। इस पर आरटीजीएस के माध्यम से तीन करोड़ रुपये नेहा मित्तल की फर्म को लौटा दिए गए। लेकिन, पांच करोड़ रुपये अब भी बकाया हैं। लगातार प्रदीप्तो और उनके अधिकारियों से बातचीत की जा रही थी मगर कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा है।
नेहा मित्तल ने पुलिस को बताया कि वह गत 16 फरवरी को गुरुग्राम गईं तो देखकर चौंक गईं। देखा कि कंपनी के कार्यालय पर ताला लगा हुआ था। पता चला कि यह काफी समय से बंद है। कोतवाली पुलिस ने प्रदीप्तो, मुनीष मित्तल, सिल्का सलोनी और अशोक कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।