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NEET से मेडिकल के होनहारों को मिलेगा ये बड़ा फायदा

Sat, 30 Apr 2016 11:36 AM IST
आफताब अजमत/ अमर उजाला, देहरादून
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- फोटो : concept photo
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अब न तो ऑल इंडिया कोटा है और न ही स्टेट व मैनेजमेंट कोटा। एमबीबीएस के 381(निजी व सरकारी) कॉलेजों में करीब 50 हजार एमबीबीएस सीटों पर सीधे दाखिले का मौका मिलेगा। दो चरणों में होने वाली नीट से ऑल इंडिया रैंक मिलेगी, जिसके आधार पर सेंट्रल काउंसिलिंग होगी।
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सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को केंद्र की याचिका खारिज करते हुए नीट 1 और नीट 2 के आयोजन पर अंतिम मुहर लगा दी। इसके साथ ही मैनेजमेंट कोटा, स्टेट कोटा और ऑल इंडिया कोटा की सीटें खत्म हो गई हैं। अब केवल ऑल इंडिया की सेंट्रल काउंसिलिंग के माध्यम से एडमिशन किए जाएंगे। नीट परीक्षाओं में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को ऑल इंडिया रैंक मिलेगी।

इससे फायदा यह होगा कि देहरादून में बैठा छात्र अच्छी रैंक के आधार पर दिल्ली के किसी टॉप मेडिकल कॉलेज में सीधे दाखिला पा सकेगा। इसी प्रकार, बीडीएस की भी करीब 20 हजार सीटों पर नीट 1 व नीट 2 से सीधे दाखिला मिलेगा।
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अब तक यह थी प्रक्रिया

- फोटो : concept photo
अब तक ऑल इंडिया कोटे की केवल 15 प्रतिशत सीटों पर देश के किसी भी राज्य का छात्र एआईपीएमटी के माध्यम से दाखिला ले सकता था। यूपी या उत्तराखंड या किसी भी राज्य की 80 प्रतिशत सीट उस राज्य के युवाओं के लिए आरक्षित होती थी। इन सीटों पर बाहरी राज्यों के युवा दाखिला नहीं ले पाते थे। एम्स, एएफएमसी सहित तमाम जगहों पर अलग प्रवेश परीक्षाएं होती थी।

चोरी छिपे डोनेशन पर भी लगाम
नीट परीक्षा होने की वजह से निजी मेडिकल कॉलेजों की ओर से ली जाने वाली चोरी छिपे की भारी भरकम डोनेशन पर भी लगाम लग जाएगा। इस लिहाज से आम परिवार का बच्चा भी एजुकेशन लोन के माध्यम से अच्छे निजी मेडिकल कॉलेज में एडमिशन लेकर पढ़ाई कर सकेगा।

निश्चित तौर पर छात्रों के लिए यह अहम फैसला है। इससे सभी बाध्यताएं, सीमाएं खत्म हो गई हैं। मुकाबला सबके लिए बराबरी का खुला है। बस एक परीक्षा दो और सभी सीटों पर सीधे दावा। 
- प्रो. विजय जुयाल, कुलसचिव, एचएनबी मेडिकल यूनिवर्सिटी, देहरादून
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