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Iसमाज कल्याण विभाग को नोडल विभाग और पुलिस व फूड सेफ्टी विभाग को कार्रवाई को कहाI
Iनशा मुक्ति केंद्रों की जांच के लिए हर जिले में जांच समिति का गठन किया जाएगा। इस संबंध में बुधवार को गृह सचिव शैलेश बगौली ने नशा मुक्ति अभियान के तहत विभागों को निर्देश दिए। यह समिति नशा मुक्ति केंद्रों का नियमित रूप से निरीक्षण करेगी। साथ ही सभी जिला चिकित्सालयों और मेडिकल कॉलेज में प्रशिक्षित चिकित्सकों की नियुक्ति के निर्देश भी गृह सचिव ने दिए।I
Iनशा मुक्ति अभियान के लिए समाज कल्याण विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है। साथ ही पुलिस और फूड सेफ्टी विभाग को सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। गृह सचिव ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया कि प्रदेश में संचालित सभी पुराने व नए नशा मुक्ति केंद्रों को राज्य मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण (एसएमएचए) के अंतर्गत समय-सीमा के भीतर अनिवार्य पंजीकरण कराने की कार्रवाई पूरी करें। साथ ही जिन केंद्रों ने पंजीकरण नहीं कराया है, उन्हें तत्काल प्रभाव से बंद कराया जाए। सचिव ने राज्य मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण का ढांचा बनवाने और राज्य मानसिक स्वास्थ्य नीति को जल्द से जल्द तैयार करने निर्देश भी संबंधित विभाग को दिए।I
Iउन्होंने नशा तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए पुलिस विभाग को निर्देशित किया। साथ ही कहा कि पुराने नशा तस्करों का एक डाटा तैयार कर सक्रिय तस्करों पर नियमानुसार निरोधात्मक कार्रवाई करें। ताकि, नशा तस्करों की रीढ़ को तोड़ा जा सके। इसके अलावा उन्होंने नशा मुक्ति अभियान में स्वास्थ्य और काउंसलिंग पर विशेष जोर दिया। इसी के मद्देनजर नशा मुक्ति केंद्रों की व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश अधिकारियों को दिए।I
Iबैठक में सचिव समाज कल्याण नीरज खैरवाल, विशेष गृह सचिव रिद्धिम अग्रवाल, अपर सचिव प्रकाश चंद्र आर्य, अपूर्वा पांडेय, एसएसपी एसटीएफ नवनीत सिंह, संयुक्त निदेशक एसएमएचए सुमित देव, उपसचिव जसविंदर कौर,
डॉ. सुधीर कुमार
आदि उपस्थित थे।I