देहरादून। मीठीबेरी इलाके के लोगों की शिकायत पर जिलाधिकारी ने कैंट और नगर निगम के सीमांकन के लिए समिति गठित की है। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व की अध्यक्षता वाली इस समिति में नगर निगम और कैंट बोर्ड के अधिकारी भी शामिल होंगे। जिलाधिकारी ने 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने को कहा है।
प्रेमनगर क्षेत्र के मीठीबेरी गांव के लोगों ने जिलाधिकारी के समक्ष कैंट बोर्ड पर शोषण का आरोप लगाया है। लोगों को कहना है कि बोर्ड की ओर से उनकी दुकानों को सील करने के लिए नोटिस भेजा है। जबकि यह क्षेत्र नगर निगम की सीमा में है। लोगों का कहना है कि इससे पहले पूर्व जिलाधिकारी को भी शिकायत की गई थी। इस दौरान कैंट बोर्ड ने क्षेत्र नगर निगम की सीमा में होना स्वीकार किया था। बावजूद इसके अब दोबारा से सीलिंग के नोटिस भेजे गए हैं।
जिलाधिकारी सी. रविशंकर ने बताया कि इस मामले में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व को जांच करने के आदेश दिए गए हैं। नगर निगम और कैंट बोर्ड के अधिकारियों को शामिल कर इस क्षेत्र का सीमांकन किया जाएगा। इधर, इस मामले में कैंट बोर्ड के सीईओ जाकिर हुसैन का कहना है कि उन्होंने जो भी नोटिस भेजे हैं नियमानुसार ही भेजे हैं। जिस क्षेत्र में नोटिस भेजे गए हैं वह वर्षों से कैंट बोर्ड के क्षेत्रों में ही है और ये लोग वोटर भी कैंट बोर्ड के ही हैं।
सील हॉस्टलों से निकाला जाएगा छात्रों का सामान
पिछले दिनों केहरी गांव में सील किए गए हॉस्टलों के मालिकों ने सोमवार को जिलाधिकारी से मुलाकात की। इस दौरान मालिकों ने बताया कि हॉस्टलों में छात्रों का सामान है, जो वे निकालना चाहते हैं। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित क्षेत्र के मजिस्ट्रेट के सामने सील खुलवाकर छात्रों का सामान बाहर निकालने के निर्देश दिए हैं।