तीर्थनगरी में कोचिंग सेंटर बंद होने से प्रदेश सरकार के खिलाफ त्रिवेणीघाट में प्रदर्शन करते कोचि
- फोटो : RISHIKESH
कोचिंग सेंटरों की तुलना स्कूलों से न करे सरकार
-प्रदेश सरकार के विरोध में उतरे कोचिंग सेंटर संचालक
ऋषिकेश। छह महीने से बंद तीर्थनगरी के कोचिंग सेंटर संचालकों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया है। बृहस्पतिवार को कोचिंग सेंटर के शिक्षकों ने शिक्षा एवं शिक्षकों को बचाओ, शिक्षकों का अधिकार न छीने सरकार की नारेबाजी कर आक्रोश जताया है।
तीर्थनगरी के कोचिंग सेंटरों के शिक्षकों ने बृहस्पतिवार शाम त्रिवेणीघाट में एकत्रित होकर आक्रोश जताया। शिक्षकों ने बीते दिनों देहरादून में एक कोचिंग सेंटर के शिक्षक की मौत पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित की। कोचिंग सेंटर के शिक्षकों ने कहा कि बीते छह महीनों से कोचिंग सेंटर बंद हैं। सरकार इनकी सुध नहीं ले रही है। प्रदेश सरकार कोचिंग सेंटर की तुलना स्कूलों से कर रही है। स्कूल की फीस आ ही रही है, स्कूल को परेशानी नहीं है। वहीं प्रदेश सरकार कोचिंग सेंटर खुलने नहीं दे रही। कोचिंग सेंटरों को खोलने के लिए प्रदेश सरकार गाइडलाइन बनाए, हम उन्हीं के नियम पर चलेंगे। यदि प्रदेश सरकार जल्द ही कोचिंग सेंटरों के प्रति उचित कार्रवाई नहीं करती तो हम लोग प्रदेश सरकार के खिलाफ मुखर हो जाएंगे। इस मौके पर संजय सिलस्वाल, मुकेश अग्रवाल, पंकज कपरुवाण, सोनल कुकरेती, हिमीत कक्कड़, हिमांशु बिष्ट, गौरव, तरुण गुप्ता, रविंद्र भट्ट, विजय आजाद आदि मौजूद रहे।