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लाल बत्तियों को लेकर फिर शुरू हुई कवायद

Sat, 28 Sep 2013 04:40 PM IST
अमर उजाला, देहरादून
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मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा शुक्रवार दोपहर बाद दिल्ली पहुंच गए। बताया गया कि वे कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी अंबिका सोनी से मिले।
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मंत्रियों से भी मुलाकात करेंगे
शनिवार को मुख्यमंत्री केंद्र के कुछ मंत्रियों से भी मुलाकात करेंगे। शाम दिल्ली में ही एक कार्यक्रम में भी उन्हें शिरकत करना है। कांग्रेस के कुमाऊं में 29 को प्रस्तावित सम्मेलन में अंबिका सोनी को आना है। बताया गया कि इसी सिलसिले में मुख्यमंत्री अंबिका से मिले। दोनों की करीब एक-सवा घंटे की मुलाकात रही।

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सूत्रों की मानें तो इस मुलाकात में मुख्यमंत्री ने अंबिका के साथ लालबत्तियों पर चर्चा की। पता चला है कि पितृपक्ष खत्म होने के साथ ही नवरात्रों में सरकार कुछ लालबत्तियां बांट सकती है। लालबत्तियां किसे देना है, इसकी सूची पार्टी हाईकमान को पहले ही दिया जा चुका है। उसमें थोड़ी-बहुत ही काट-छांट होगी। बताया जा रहा है कि रविवार को मुख्यमंत्री दिल्ली से अंबिका सोनी को साथ लेकर रुद्रपुर में प्रस्तावित कांग्रेस सम्मेलन में जाएंगे।
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दबाव टैक्टिस
वहीं राजनीतिक गलियारों में मुख्यमंत्री की दिल्ली यात्रा को उन कवायदों से भी जोड़ा जा रहा है, जिसमें सरकार के नेतृत्व
परिवर्तन की बातें आ रही हैं। कहा जा रहा है कि मुख्यमंत्री इन चर्चाओं को लेकर काफी गंभीर हैं और इसी सिलसिले में शीर्ष नेताओं से मुलाकात करने दिल्ली पहुंचे हैं। इन चर्चाओं के पीछे राज्य के ही बड़े नेताओं का अपने समर्थकों को लालबत्ती दिलाने का दबाव टैक्टिस माना जा रहा है।

कुछ तो है, जिससे पीडीएफ हुआ सक्रिय
सरकार के नेतृत्व परिवर्तन की कथित चर्चाओं को भले ही मीडिया गासिप कह कर टाला जा रहा है, लेकिन कहीं कुछ है जरूर। इसके संकेत पीडीएफ (प्रोग्रेसिव डेमोक्रेटिक फ्रंट) की सक्रियता दे रहे हैं। पिछले तीन दिनों से पीडीएफ के सदस्य लगातार बैठकें कर रहे हैं।
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शुक्रवार को भी विधानसभा में विद्यालयी शिक्षा मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी की अध्यक्षता में पीडीएफ के सभी साथी दल एक साथ बैठे। बैठक में बसपा के दल नेता हरिदास और निर्दलीय कोटे के मंत्री हरीश दुर्गापाल भी शामिल हुए। इनके अलावा प्रीतम सिंह पवार, दिनेश धनई और सुरेंद्र राकेश भी शामिल थे। पीडीएफ का कहना है कि सरकार के मुखिया को लेकर कांग्रेस अनिश्चितता की स्थिति बनाए हुए है। इसे जल्द साफ करे।

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