मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि सहस्त्रधारा रोड स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां पार्क के साथ ही अन्य सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। उन्होंने अधिकारियों को ट्रेंचिंग ग्राउंड में मौजूद कूड़े के निस्तारण के साथ ही उसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत रविवार को मेयर सुनील उनियाल गामा के साथ सहस्त्रधारा रोड स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड के निरीक्षण के लिए पहुंचे। नगर आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने सीएम को बताया कि ट्रेंचिंग ग्राउंड करीब साढ़े सात हेक्टेयर जमीन पर फैला है।
इस पर मुख्यमंत्री ने कूड़े का निस्तारण करने के साथ ही यहां पर्यटन स्थल विकसित करने के निर्देश दिए। मेयर सुनील उनियाल गामा ने कहा कि जनता के लिए जो भी बेहतर हो सकता है, उस पर कार्य किया जा रहा है। अगले कुछ वर्षों में निगम क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कार्य किए जाएंगे।
इस मौके पर अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश, प्रमुख सचिव वन आनंदवर्धन, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सदस्य सचिव एसके सुबुद्धि, एमडीडीए उपाध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आरके सिंह, भाजयुमो महामंत्री राजेश रावत, इंदिरा नगर पार्षद शुभम नेगी, महानगर उपाध्यक्ष रंजीत भंडारी, कृष्णा राठौर आदि मौजूद रहे।
क्षेत्र के लोगों को मिलेगा स्वच्छ पानी
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा यहां कूड़े का पूरी तरह निस्तारण किया जाएगा। जिससे आसपास का जल प्रदूषित न हो। वहीं, यहां भूजल रिचार्ज की समस्या न हो, इसकी भी व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने नदियों के पुनर्जीवन का जो संकल्प लिया था, उस पर कार्य चल रहा है। रिस्पना और कोसी को पुनर्जीवत करने के लिए लाखों की संख्या में लोगों ने पौधे लगाए हैं।
सौंग नदी बांध परियोजना का कार्य जल्द होगा शुरू
मुख्यमंत्री ने कहा कि सौंग नदी बांध परियोजना को लेकर संबंधित विभागों की एनओसी मिल गई है। वन विभाग की एनओसी भी इस महीने के अंत तक मिलने की संभावना है। इस साल के अंत तक हर हाल में परियोजना शुरू हो जाएगी।
सिटी पार्क भी होगा पर्यटकों के लिए आकर्षण
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सहस्त्रधारा रोड स्थित प्रदेश के पहले सिटी पार्क का भी निरीक्षण किया। एमडीडीए उपाध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री को बताया कि पार्क में पूरे प्रदेश की संस्कृति और विरासत की झलक दिखेगी। उन्होंने बताया कि 67 करोड़ रुपये की डीपीआर ईएफसी के लिए शासन भेजी गई है। वहां से स्वीकृति मिलने ही टेंडर कराकर कार्य शुरू कर दिया जाएगा। 15 हेक्टेयर जमीन में बनने वाला सिटी पार्क पर्यटकों को भी आकर्षित करेगा। पार्क में हर आयुवर्ग के लोगों के लिए अलग जोन बनेगा। वहीं, जॉगिंग, वॉकिंग और साइकिलिंग के लिए भी अलग-अलग ट्रैक होंगे।