शहीद को श्रद्धांजलि देते सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत
‘जम्मू-कश्मीर में पत्थरबाजी की घटना चिंताजनक है। पत्थरबाजों की ढाल बनने वाले मानवाधिकार के पैरोकारों को भी यह बात समझनी चाहिए।’ यह बातें मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहीं। वह पत्थरबाजों के हमले में शहीद हुए राजेंद्र सिंह को श्रद्धांजलि देने के लिए पिथौरागढ़ पहुंचे थे। उधर शहीद के परिजनों ने पत्थरबाजों को आतंकी घोषित करने की मांग की।
सेना मुख्यालय में शहीद को श्रद्धांजलि देने के बाद मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि हमारे देश के सैनिक मातृभूमि की रक्षा के लिए सदैव तत्पर हैं। सैनिकों और अर्द्धसैनिक बलों के जवानों पर टेढ़ी नजर करने वालों को समझ लेना चाहिए कि हमारे जवान उनकी हर बात का कड़ा जवाब देंगे।
पत्थरबाजी की घटना पर उन्होंने कहा कि घाटी में लगातार बढ़ती पत्थरबाजी की घटनाएं चिंताजनक हैं। इसका जवाब जल्द ढूंढना होगा। उन्होंने कहा कि पत्थरबाजों से निपटने के लिए सैनिक पैलेट गन चलाते हैं तो मानवाधिकार वादी इन पत्थरबाजों के समर्थन में खड़े होकर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच जाते हैं।
वहीं शहीद राजेंद्र के परिजनों का कहना है कि पत्थरबाजों को आतंकी घोषित किया जाए। मानवाधिकार संगठन पत्थरबाजों के पक्ष में तो खड़े हो जाते हैं, लेकिन किसी सैनिक के शहीद होने पर उनकी बोलती क्यों बंद हो जाती है।