मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि वह कोरी घोषणाओं में यकीन नहीं करते हैं। जहां उन्हें शिलान्यास करना होता है, उसका शासनादेश साथ लेकर जाते हैं। उन्होंने कहा कि 17 सालों में 20 हजार घोषणाएं हो चुकी हैं, जिनमें से महज 2500 पर ही काम हुआ। उन्होंने कहा कि जब घोषणाओं पर अमल नहीं होता है तो जनता का जनप्रतिनिधि के प्रति अविश्वास बढ़ता है।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को दून विवि में ‘आपकी राय आपका बजट’ विषय पर छात्रों के साथ अपने 10 महीने के कामकाज में नए बदलाव को साझा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास है कि सरकार बेदाग, बेहिचक और दबाव मुक्त होकर काम करे। ये परंपरा रही है कि मुख्यमंत्री जहां जाते हैं, वहां घोषणाएं करते हैं।
लेकिन उन्होंने नई शुरुआत की है। वह शासनादेश साथ लेकर जाते हैं। घोषणाएं न करने से जनप्रतिनिधियों को थोड़ा बुरा लगता है, लेकिन 17 सालों में हजारों घोषणाएं पूरी नहीं हुईं। इससे जनप्रतिनिधियों के प्रति अविश्वास बढ़ा। कार्यक्रम में आए सुझावों के बाद उन्होंने प्रदेश सरकार की भावी योजनाओं का भी जिक्र किया।
सितंबर में होगी इन्वेस्टर मीट
उत्तराखंड में निवेश को लेकर दिए सुझाव पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सितंबर माह में इन्वेस्टर मीट का आयोजन होगा