धर्मशाला प्रबंधकों और उनकी संस्थाओं ने मुख्यमंत्री को संयुक्त ज्ञापन पत्र भेजकर धार्मिक संपत्तियों की खरीद-फरोख्त की जांच कराने की मांग की है।
धर्मशाला प्रबंधकों ने आरोप लगाया कि भूमाफिया की धार्मिक संपत्तियों पर गिद्ध दृष्टि लगी है। उन्होंने कहा कि लाखों तीर्थयात्री धर्मनगरी में आकर धर्मशालाओं व आश्रमों में आश्रय लेते हैं।
पिछले कुछ समय से भूमाफिया द्वारा धार्मिक संपत्तियों की खरीद-फरोख्त कर धार्मिक स्वरूप को नष्ट करने का प्रयास किया जा रहे है, जिस पर रोक लगाए जाने की जरूरत है।
धर्मशाला प्रबंधकों व संस्थाओं के पदाधिकारियों ने धार्मिक स्वरूप को बचाए रखने के लिए अधिग्रहण करने की मांग भी मुख्यमंत्री से की है।