बदरीनाथ धाम से जुड़े आचार्य ब्राह्मण, व्यवसायियों और आम लोगों ने स्थिति सामान्य होने तक सिर्फ स्थानीय लोगों के लिए ही चारधाम यात्रा संचालित करने की पैरवी की है। कहा गया कि सामाजिक दूरी का पूरा पालन कर स्थानीय लोगों को धामों में जाने दिया जाए, इससे छोटे व्यापारियों को कुछ राहत मिल सकती है। डिमरी पंचायत के प्रवक्ता पंकज डिमरी का कहना है कि चारधाम यात्रा खुली तो पहाड़ में कोरोना वायरस पूरी तरह से फैल जाएगा।
यदि सरकार यात्रा संचालित करना ही चाहती है तो हक-हकूकधारियों व सामाजिक दूरी के साथ स्थानीय लोगों को धामों की तीर्थयात्रा की अनुमति दी जाए। होटल व्यवसायी सज्जन लाल शाह का कहना है कि यात्रा पड़ावों पर मंझले व छोटे कारोबारियों के चूल्हे जलने मुश्किल हो गए हैं। बाहरी क्षेत्रों के तीर्थयात्रियों को नहीं, लेकिन स्थानीय लोगों को यात्रा की अनुमति दी जानी चाहिए।
नंदप्रयाग के तेजवीर कंडेरी का कहना है कि यात्रा का संचालन फिलहाल नहीं होना चाहिए। लोग अपने घरों में सुरक्षित हैं, यात्रा खुली तो संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाएगा। जोशीमठ प्रधान संगठन के अध्यक्ष अनूप सिंह रावत का कहना है कि यात्रा शुरु नहीं की जानी चाहिए। यदि यात्रा खुली तो कोरोना वायरस पहाड़ में पूरी तरह से पांव पसार देगा।