मुख्यमंत्री हरीश रावत ने केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली को पत्र लिखकर विमुद्रीकरण के बाद राज्य में कृषि व काश्तकारों को हो रहे नुकसान की ओर ध्यान आकृष्ट किया है।
मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार सुरेंद्र कुमार ने यह जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में सहकारी क्षेत्र को कृषि ऋण के लिए सहकारी बैंकों को भी नकदी उपलब्ध करवाए जाने, रबी की फसल पर बीमा कवर की अवधि को 15 फरवरी तक विस्तारित करने और राज्य के करेंसी चेस्ट में नकदी का समुचित प्रवाह सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है।
रवी की फसल के लिए खाद-बीज नहीं
नोटबंदी के बाद से हालातों से अवगत कराते हुए मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में कहा है कि 500-1000 के नोट बंद होने के बाद सहकारी बैंकों में डिपॉजिट स्वीकार नहीं किए जा रहे हैं। खरीफ की फसल के बाद किसान अपनी नकदी को सहकारी बैंकों में स्थित अपने खातों में जमा नहीं कर पा रहे हैं।
परिणामस्वरूप वे रबी की फसल के लिए खाद-बीज आदि खरीदने के लिए कृषि फसल ऋण नहीं ले पा रहे हैं। इससे राज्य में रबी की फसल के उत्पादन पर विपरीत प्रभाव पड़ने की पूरी संभावना है। साथ ही रबी की बुवाई में देरी हो गई है।
पत्र में यह भी कहा गया है कि उत्तराखंड में बैंकों ने 80 प्रतिशत डेबिट कार्ड निर्गत किए हैं, परंतु एक्टिवेशन संबंधी समस्या के कारण बैंकों से नए प्री-एक्टिवेटेड कार्ड निर्गत किए जाने की आवश्यकता है।