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उत्तराखंड: सीएम रावत ने किच्छा से नामांकन कर ठोंकी चुनावी ताल

Thu, 26 Jan 2017 12:17 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, किच्छा (ऊधमसिंह नगर)
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harish rawat - फोटो : AmarUjala
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मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बुधवार को किच्छा विधानसभा सीट से अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। मुख्यमंत्री हरीश रावत अपने तीन प्रस्तावकों के साथ 11.55 पर तहसील में रिटर्निंग अफसर नरेश चंद दुर्गापाल के समक्ष दाखिल हुए।
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करीब 30 मिनट में सीएम के नामांकन की प्रक्रिया पूरी हुई। 12.20 पर सीएम तहसील से बाहर आए। बाहर आकर तहसील प्रांगण में बने हनुमान मंदिर में सीएम रावत ने माथा टेका।

सीएम के साथ प्रस्तावक के रूप में ठाकुर दास सुखीजा, हाजी सरवरयार खान, वीर मानवेंद्र सिंह थे, जबकि उनके वकील के रूप में वरिष्ठ अधिवक्ता राजेंद्र शर्मा रहे। इससे पहले सीएम हरीश रावत पंतनगर से कार द्वारा किच्छा तहसील में बने निर्वाचन कार्यालय पहुंचे। नामांकन प्रक्रिया पूरी करने के बाद वे मंगलम वाटिका पहुंचे जहां उनकी चुनावी सभा आयोजित की गई थी। सीएम के नामांकन में सुबह से ही जिला प्रशासन का अमला व्यवस्थाओं में जुटा रहा। वहीं कांग्रेस के कार्यकर्ता भी सीएम के नामांकन की पूरी तैयारियां में लगे रहे। 
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नामांकन करते हरीश रावत - फोटो : AmarUjala
मुख्यमंत्री हरीश रावत के नामांकन से पूर्व ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सुबह से शहर के अधिकांश हिस्से के मुख्य मार्गों पर कांग्रेस के पर्चों से शहर को पाट दिया। जगह-जगह कांग्रेस के झंडे चस्पा कर दिए गए।

इसकी सूचना जब जिला प्रशासन को लगी तो उन्होंने इसे आचार संहिता का उल्लंघन मानते हुए सख्ती से उतरवा दिया। भाजपा प्रत्याशी राजेश शुक्ला ने इस बात का कड़ा विरोध जताया।

उन्होंने डीएम और एसडीएम को इसकी शिकायत की कि सीएम के नामांकन में आचार संहिता का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है। इस पर प्रशासन के लोगों ने तुरंत ही कांग्रेस के झंडों को उतरवा दिया।
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​कांग्रेस नगर और जिलाध्यक्ष को नोटिस

सीएम हरीश रावत - फोटो : AmarUjala
निर्वाचन अधिकारी नरेश चंद दुर्गापाल ने बताया कि कांग्रेस के जिलाध्यक्ष व नगर अध्यक्ष को आचार संहिता के उल्लंघन को लेकर नोटिस दिया गया है।

दुर्गापाल ने बताया कि नामांकन की रात कांग्रेस पार्टी द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में सार्वजनिक स्थानों, बिजली के खंभों पर बड़ी संख्या में झंडे बैनर आदि लगाए गए जो सुबह जानकारी मिलने पर चुनाव आयोग ने हटवा दिए।

बताया कि चूंकि सीएम उस समय किच्छा में नहीं थे इसलिए नोटिस जिलाध्यक्ष व कांग्रेस के नगर अध्यक्ष को दिया गया। बताया कि नोटिस के जवाब के बाद इन पर लोक संपत्ति विरूपण अधिनियम 2005 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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