मसूरी गोलीकांड में शहीद आंदोलनकारियों की स्मृति में शुक्रवार को आयोजित श्रद्धांजलि सभा में सैकड़ों लोगों ने शहीदों को अश्रुपूरित श्रद्धांजलि दी। झूला घर स्थित शहीद स्थल पर सुबह से ही शहीदों को श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लगा रहा। सीएम हरीश रावत सहित कई नेताओं और सैकड़ों लोगों ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
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इस अवसर पर मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा अलग राज्य का सपना सच तो गया, लेकिन अभी आंदोलनकारियों के सपनों का उत्तराखंड नहीं बन पाया है। शहीदों के सपनों को साकार करने के लिए बहुत कुछ करना बाकी है। इसके लिए दलगत राजनीति से ऊपर उठकर काम करने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि सभी चिह्नित आंदोलनकारियों के लिए सम्मान पेंशन जल्द शुरू की जाएगी। इसके लिए सरकार गंभीर है। सीएम ने कहा कि सभी जनपदों के जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि आंदोलनकारियों के चिह्नीकरण की प्रक्रिया बंद न की जाए। सभी आंदोलनकारियों का चिह्नीकरण होना चाहिए। आंदोलनकारियों को सम्मान देना सरकार का नैतिक दायित्व है। उन्नत उत्तराखंड के लिए सामूहिकता की सोच विकसित करने की आवश्यकता है।
सैकड़ों लोगों ने शहीदों को दी अश्रुपूरित श्रद्धांजलि
हरीश रावत
- फोटो : AmarUjala
शहीद स्मारक समिति के तत्वावधान में शहीद स्थल पर शहीदों की आत्मा की शांति के लिए सर्वधर्म प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। श्रद्धांजलि सभा में शामिल शहीद आंदोलनकारियों के परिजनों की आंखें नम हो गईं। शहीद राय सिंह बंगारी के पुत्र रविराज बंगारी, पुत्री मधु बंगारी कैंतुरा, शहीद हंसा धनाई के पति भगवान सिंह धनाई और पारिवारिक सदस्य, शहीद धनपत सिंह की पत्नी प्यारी देवी, बेलमती चौहान की पुत्री सुनीता, मदनमोहन ममगाईं की पत्नी शांति देवी, बलवीर नेगी के भाई राजेंद्र सिंह नेगी, मासंती धनाई शामिल थे।
इन लोगों ने भी दी श्रद्धांजलि
श्रद्धांजलि देने वालों में काबीना मंत्री प्रीतम सिंह पंवार, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय, विधायक गणेश जोशी, पालिकाध्यक्ष मनमोहन सिंह मल्ल, पूर्व पालिकाध्यक्ष ओपी उनियाल, पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला, रविंद्र जुगरान, संदीप साहनी, जोत सिंह बिष्ट, उक्रांद अध्यक्ष त्रिवेंद्र पंवार, आंदोलनकारी मंच नेता जयप्रकाश उत्तराखंडी, देवी प्रसाद गोदियाल, सुशीला बलूनी, सुभाषिनी बर्त्वाल, भगवती प्रसाद सकलानी, बीरेंद्र सिंह कैंतुरा, सतीश चंद्र ढौंडियाल, जसबीर कौर, पुष्पा पडियार, महेशचंद्र, बादल प्रकाश, चंद्रकला, शशि रावत, मेघ सिंह कंडारी, नरेंद्र पडियार, पूरण जुयाल, देवेश्वर जोशी, दीपेंद्र भंडारी, कमल कैंतुरा, रमेश भंडारी आदि।
जितेंद्र के गीत पर आंखें हुईं नम
लोक गायक जितेंद्र पंवार के गीत ...कु करलू मेरू खुर्कु बुर्कु कु भठियालू मी कु मां सुनकर शहीद स्थल में बैठे सभी लोगों की आंखें नम हो गईं। इस गीत में मुजफ्फरनगर गोलीकांड में मारे गए एक बेटे की मां का करुण विलाप दर्शाया गया है। गीत संस्कृति विभाग की ओर से आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में आंदोलन के दौरान नरेंद्र सिंह नेगी के गाए लोकगीत ...उठा जागा उत्तराखंडियू सौं उठाणू वक्त आइएगी मान सम्मान बचाणू वक्त आइएगी पर सीएम हरीश रावत ने भी सुर में सुर मिलाए। इस दौरान लोक गायिका रेशमा शाह ने भी लोकगीतों की प्रस्तुति दी। उभरती गायिका प्रेरणा भंडारी के गीत ने श्रोताओं को झकझोर दिया।