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दुबई में फंसे बलबीर की मदद को आगे आए CM रावत, ट्विटर पर सुषमा से गुहार

Sun, 07 Aug 2016 01:09 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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sushma swaraj - फोटो : Getty Images
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दुबई के राशिद अस्पताल में पिछले कई माह से भर्ती टिहरी निवासी बलबीर की खबर जब मीडिय में आई तो सीएम रावत भी एक्टिव हो गए। मुख्यमंत्री ने इस मामले में शनिवार को दिल्ली में रेजीडेंट कमिश्नर को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। बाद में उन्होंने विदेश मंत्री को भी ट्वीट कर मामले का संज्ञान लेने का अनुरोध किया।
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शनिवार के अंक में अमर उजाला ने बलबीर के दुबई के अस्पताल में भर्ती होने का मामला प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसका संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री हरीश रावत ने शनिवार को दिल्ली में रेजीडेंट कमिश्नर को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने अपने ट्विटर हैंडल पर इसकी जानकारी दी। बाद में उन्होंने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को ट्वीटर पर लिखा कि ‘सुषमा स्वराज जी, यूके के बलबीर कठैत दुबई के एक अस्पताल में कई माह से भर्ती हैं, कृपया इस विषय को संज्ञान में लें।
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  @SushmaSwaraj जी, #UK के बलबीर कठैत दुबई के एक अस्तपताल में पांच माह से भर्ती है, कृपया इस विषय को संज्ञान में लें https://t.co/pvBZhDxZKM — Harish Rawat (@harishrawatcmuk) August 6, 2016

  UKGov ने इस विषय को संज्ञान में लेकर Delhi में Resident Commissioner को उचित कार्यवाही करने के निर्देश दे दिए है https://t.co/nLLW9to51y — Harish Rawat (@harishrawatcmuk) August 6, 2016



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कई महीने से दुबई के हॉस्पिटल में भर्ती है बलबीर

बलबीर - फोटो : amarujala
दलगांव, ख्वाडा, टिहरी गढ़वाल निवासी बलबीर (30) दुबई के होटल महेश में काम करता था। राशिद हॉस्पिटल के रिकॉर्ड के अनुसार 27 फरवरी को उसे गर्दन पर चोट लगने के बाद एंबुलेंस से अस्पताल लाया गया था। पैरामेडिक्स ने बताया कि उसने खुद को कोल्ड स्टोरेज में बंद कर अपनी गर्दन काटने का प्रयास किया था।

परिवार से नहीं मिला रिस्पांस
उसे अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के बाद उसकी हालत में सुधार हुआ। 20 अप्रैल को महेश लंच होम एंड सीफूड रेस्टोरेंट ने उनके भाई बचन सिंह को पत्र भेजकर उनकी हालत में सुधार के संबंध में जानकारी दी। हालांकि, करीब तीन माह बाद भी उसके परिवार की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया। परिवार की तरफ से कोई रिस्पांस न मिलने के कारण वह फिलहाल वापस लौटने में असमर्थ है।
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