एक पेंशन, नौकरी में 10 फीसदी आरक्षण और राज्य निर्माण सेनानी का दर्जा दिए जाने की मांग के लिए आंदोलित आंदोलनकारियों ने अब मुख्यमंत्री आवास घेराव की रणनीति बनाई है। उत्तराखंड चिह्नित राज्य आंदोलनकारी संगठन ने 2 दिसंबर को मुख्यमंत्री आवास कूच की चेतावनी दी है।
कचहरी स्थित शहीद स्मारक में उत्तराखंड चिह्नित राज्य आंदोलनकारी संगठन का आमरण अनशन 19 दिन भी जारी रहा। बीते मंगलवार विधायक हॉस्टल घेरने के बाद अब आंदोलनकारी कैबिनेट मंत्री आवास, मुख्यमंत्री आवास घेराव की तैयारी में हैं।
बुधवार को शहीद स्मारक में संगठन की पत्रकार वार्ता में अध्यक्ष जितेंद्र चौहान ने कहा कि 9 नवंबर को राज्य स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री ने कार्ड धार चिह्नित राज्य आंदोलनकारियों की तीन सूत्रीय मांग पर समान पेंशन देने की घोषणा की थी।
शासनादेश जारी नहीं
शासनादेश जारी नहीं किया गया। वहीं 9 नवंबर से ही संगठन का शहीद स्मारक पर आमरण अनशन शुरू हुआ था। जिसके बाद शासन को कई बार मांग पत्र और ज्ञापन भेजे जा चुके हैं। एक बार त्रिपक्षीय वार्ता का आश्वासन मिला, लेकिन फिर भी कुछ नहीं हुआ। संगठन के महासचिव जबर सिंह पावेल ने कहा कि आंदोलनकारियों की लगातार हो रही उपेक्षा के खिलाफ 2 दिसंबर को मुख्यमंत्री आवास घेराव का निर्णय लिया गया है।
इसके लिए अन्य संगठनों से भी वार्ता की गई है। बुधवार को धरने में प्रकाश उनियाल, चिंतन सकलानी, रविंद्र प्रधान, प्रमिला रावत, ऊषा भट्ट, राकेश भट्ट, हंसा रावत, नवीन कुकरेती, कमला रावत आदि उपस्थित थे