बाह्य सहायतित योजनाओं के फंडिंग पैटर्न में हुए बदलाव से दबाव में आई राज्य सरकार को कुछ राहत मिलने के आसार हैं।
शनिवार रात राजभवन में केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली से हुई मुलाकात के बाद में मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बताया कि वित्त मंत्री ने इस फंडिंग के अनुपात को 80:20 करने का संकेत दिया है। रावत के मुताबिक ऐसा होता है तो प्रदेश की जनता को खासी राहत मिलेगी।
उत्तराखंड सरकार बाह्य सहायतित योजनाओं में 90:10 के फंडिंग पैटर्न को लागू करने की मांग को लेकर कोशिश कर रही है। दो साल पहले योजना आयोग के खत्म होने पर यह फंडिंग पैटर्न बदल गया था।
कुछ पुरानी स्वीकृत योजनाओं में यह पैटर्न लागू है पर नई योजनाओं में सरकार को दस प्रतिशत की जगह करीब 50 प्रतिशत तक खर्च करना पड़ रहा है। इससे प्रदेश सरकार का बजट भी गहराई से प्रभावित हो रहा है। खुद मुख्यमंत्री हरीश रावत के मुताबिक बाह्य सहायतित योजनाओं का प्रदेश के योजना बजट में करीब 30 प्रतिशत का हिस्सा है।
इन योजनाओं के जरिये प्रदेश सरकार 2013 की आपदा के बाद के पुनर्निर्माण, बाढ़ नियंत्रण, सड़क और अन्य अवस्थापनाओं को अंजाम दे रही है। बजट की कमी से अब इन योजनाओं पर भी संकट गहराता जा रहा है।
इसी चिंता को शनिवार को मुख्यमंत्री हरीश रावत और वित्त मंत्री इंदिरा हृदयेश ने राजभवन में केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली के सामने रखा। बाद में मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बताया कि केंद्रीय वित्त मंत्री ने फंडिंग पैटर्न 80:20 करने का संकेत दिया है। ऐसा होता है तो भी यह प्रदेश सरकार को स्वीकार होगा।
रावत के मुताबिक केंद्रीय वित्त मंत्री ने प्रदेश में पर्यटन को बढ़ाने के होटल उद्योग को आगे बढ़ाने का सुझाव भी दिया। जेटली ने कहा कि प्रदेश सरकार को इसके लिए आठ-दस होटलों को चिन्हित कर उन्हें बड़े होटल में तब्दील करना चाहिए। वित्त मंत्री इंदिरा हृदयेश ने भी फंडिंग पैटर्न में हुए बदलाव को केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली के सामने रखा। इंदिरा हृदयेश के मुताबिक जेटली का रुख सकारात्मक रहा।