फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सचिवालय में CM ने निपटाया कामकाज निपटाया, भाजपा ने उठाया सवाल

Fri, 17 Feb 2017 09:40 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
हरीश रावत - फोटो : Self
विज्ञापन
विधानसभा चुनाव का मतदान निपट जाने के बाद मुख्यमंत्री हरीश रावत शुक्रवार को सचिवालय पहुंचे जहां उन्होंने कामकाज निपटाया।
विज्ञापन


भाजपा ने फाइलें निपटाए जाने पर मुख्यमंत्री की आलोचना की, इसे आदर्श चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करार दिया। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने मुख्यमंत्री द्वारा निपटाई गई फाइलों का ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग की है। उधर, भाजपा के एतराज पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने कहा कि वह बात का बतंगड़ न बनाएं। उन्होंने सवाल दागा कि क्या अजय भट्ट ने नेता प्रतिपक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया है?

शुक्रवार को मुख्यमंत्री दोपहर के समय राज्य सचिवालय पहुंचे। उनके अनायास वहां पहुंचने से चौथे तल पर हलचल बढ़ गई। प्रमुख सचिव आनंदर्द्धन भी वहां पहुंच गए। सीएम करीब एक घंटे अधिकारियों मिले। इस दौरान उन्होंने सचिव वित्त अमित सिंह नेगी से प्रस्ताव बजट के संबंध में चर्चा की।
विज्ञापन


उन्होंने बजट प्रस्ताव में आय के संसाधन जुटाने के विकल्प को भी शामिल करने का सुझाव दिया। इस दौरान उन्होंने हाल ही में आए भूकंप के संबंध में भी आपदा प्रबंध विभाग को मॉक ड्रिल्स बढ़ाने और संवेदनशील इलाकों में एसडीआरएफ की तैनाती करने के निर्देश दिए। 

बाद में मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से कहा कि उन्होंने 100 से ज्यादा फाइलें निपटाई। बजट प्रस्ताव को लेकर दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने बजट प्रस्ताव के संबंध में सचिव वित्त को सुझाव दिया है कि वे ऐसे विभागों को चिह्नित करें, जिनसे संसाधनों में बढ़ोत्तरी हो सकती है। उन्होंने कहा कि सरकार कोई भी हो, वह 300 से 4000 करोड़ की रुपये की आय बढ़ा सकती है। 

हमें सीएम के सचिवालय में बैठने पर कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन वह वहां फाइलें निपटाएंगे, इस पर हमें सख्त एतराज है। आदर्श चुनाव आचार संहिता की धज्जियां उड़ाई गई। किसी को भी फाइलें निपटाने का अधिकार नहीं है। चुनाव आयोग को इस मामले में संज्ञान लेना चाहिए। संविधान की दुहाई देने वाले संविधान के विपरीत काम कर रहे हैं। आयोग से शिकायत करेंगे।
- अजय भट्ट, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा

पहले मतदान के बाद नतीजा आ जाता था। चुनाव आयोग ने 11 मार्च तक का समय तय किया है। हमारी चुनी हुई सरकार है। सरकार आयोग के जो दिशा-निर्देश हैं, उनको ध्यान में रखकर काम करेगी। अजय भट्ट जी क्या नेता प्रतिपक्ष नहीं है। बगैर बात के बतंगड बनाकर भाजपा जगहंसाई करा रही है।
विज्ञापन

- किशोर उपाध्याय, प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस

मुख्यमंत्री अपने कार्यालय में बैठक सकते हैं। नीतिगत मामलों और नए कार्यों को छोड़कर वे अफसरों को दिशा-निर्देश दे सकते हैं।
- राधा रतूड़ी, मुख्य निर्वाचन अधिकारी  

ऐसा पहली बार हुआ
ये अजब संयोग ही है कि मुख्यमंत्री हरीश रावत के कार्यकाल के दौरान बहुत कुछ पहली बार हुआ है। एक बार फिर ऐसा पहली बार हुआ कि चुनाव के दौरान मतदान पूरा होने के बाद किसी मुख्यमंत्री ने अपना कामकाज संभाला।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें