रेखा आर्या प्रकरण में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने मंत्री के बचाव में नजर आए। 210 करोड़ के घोटाले के लगे आरोप पर सीएम धामी ने कहा कि आॉडियों में किसी के कह देने से आरोप सही साबित नहीं हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि दोनों 22 साल से साथ रह रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि आज तक आरोप क्यों नहीं लगाए गए। उन्होंने कहा कि कानून अपना काम कर रहा है। यह किसी के राजनीतिक फायदे की मंशा से नहीं होना चाहिए। ये संवेदनशील मामले हैं, इसलिए निष्पक्ष जांच जरूरी है। कोई गुनहगार नहीं बचना चाहिए।
पिछले सप्ताह मंत्री रेखा आर्या ने पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ कैंट थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप है कि साहू शादी के बाद से ही उन्हें प्रताड़ित करता आ रहा था। इसके अलावा उनके साथ कई तरह की धोखाधड़ी भी साहू ने की हैं। आरोप है कि साहू ने कंपनी के दस्तावेज पर उनके जाली दस्तावेज कर उनका नाम कंपनी के निदेशक पद से हटा दिया। इसके बाद जब उन्होंने विरोध किया तो उन्हें जातिसूचक शब्द कहकर प्रताड़ित किया। मारपीट की भी कोशिश की गई। इस मामले में पुलिस ने एसपी देहात जया बलोनी के नेतृत्व में एक 10 सदस्यीय एसआईटी का गठन किया था।
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एसआईटी ने तीन दिन पहले मंत्री रेखा आर्या के बयान दर्ज किए। बताया जा रहा है कि मंत्री ने एसआईटी को उन गिरधारी के कुछ और राज भी बताए हैं। साथ ही यह भी बताया कि जाली दस्तावेज को एसआईटी किन जगहों से बरामद कर सकती है। ऐसे में एसआईटी साक्ष्य जुटाने में लगी है। हालांकि, अभी तक गिरधारी लाल साहू का पता नहीं चल सका है। इसी बीच खबरें यह भी आई हैं कि साहू यूपी के रास्ते नेपाल भाग गया है। अब देखने वाली बात यह होगी कि एसआईटी गिरधारी को कब तक गिरफ्तार कर पाती है।