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उत्तराखंड: सीएम धामी ने केंद्र से मांगी प्रदेश की चार नदियों में 10 साल के लिए खनन की अनुमति

Mon, 20 Feb 2023 11:40 AM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि चार नदियों में केंद्र की ओर से 28 फरवरी 2023 तक वन स्वीकृति प्रदान की गई हैं। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से वन स्वीकृतियों को इस सत्र के अंत तक (31 मई, 2023) बढ़ाए जाने का अनुरोध किया।
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सीएम धामी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्र सरकार से प्रदेश की चार नदियों गौला, शारदा, दाबका और कोसी में खनन के लिए अगले दस वर्ष तक के लिए अनुमति मांगी है। इस संबंध में मुख्यमंत्री ने शनिवार को नई दिल्ली में केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात की।

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मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि कुमाऊं में स्थित इन चार नदियों में केंद्र की ओर से 28 फरवरी 2023 तक वन स्वीकृति प्रदान की गई हैं। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से वन स्वीकृतियों को इस सत्र के अंत तक (31 मई, 2023) बढ़ाए जाने का अनुरोध किया। इसके साथ ही वन संरक्षण अधिनियम, 1980 के अंतर्गत इन स्वीकृतियों को नवीनीकृत करते हुए अगले दस वर्षों तक के लिए विस्तार दिया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्वतीय नदियों में मानसून के दौरान जमा उपखनिज (आरबीएम) को बाढ़ नियंत्रण एवं नदी किनारों पर स्थित वन एवं कृषि भूमि की सुरक्षा के लिए तटबंध बनाने में इस्तेमाल किया जाता है। इसके साथ ही आपदा प्रबंधन के तमाम कामों को कराने के लिए भी आरबीएम की जरूरत पड़ती है।
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नदी तल के ऊपर उठने से भी कई तरह की दिक्कतें पेश आती हैं, इसलिए इन नदियों से उपखनिजों का चुगान जरूरी है। उन्होंने कहा कि आम जनता व विशेष रूप से किसानों के नदी तटीय अधिकारों के संरक्षण के लिए भी नदियों से आरबीएम हटाया जाना आवश्यक है।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि इन नदियों से आरबीएम की उपलब्धता सिविल निर्माण कार्यों, धार्मिक व सामरिक रूप से आवश्यक सड़क और रेल नेटवर्क का विस्तार जैसे अति महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के विकास के लिए बेहद जरूरी है। इसके साथ ही लगभग 50 हजार स्थानीय और प्रवासी श्रमिकों को सार्थक रोजगार भी प्रदान करता है। केंद्रीय वन मंत्री ने मुख्यमंत्री के इस अनुरोध पर शीघ्र ही उचित कार्यवाही करने का आश्वासन दिया।

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