कागजों में नहीं धरातल पर दिखाई दें प्रयास
मुख्यमंत्री धामी ने वनाग्नि की रोकथाम के लिए प्रभावी कार्ययोजना के साथ रणनीति बनाने के निर्देश हैं। उन्होंने कहा कि प्रयास केवल कागजों तक सीमित न रहे, धरातल पर दिखाई दें। कहा कि मानव वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को रोकने के लिए अन्य राज्यों की बेस्ट प्रैक्टिस का अध्ययन किया जाए और राज्य में इसके लिए बेहतर कार्य योजना बनाई जाए।
ऊर्जा के क्षेत्र में अनेक संभावनाओं पर कार्य करने की जरूरत
सीएम धामी ने ऊर्जा निगम की समीक्षा बैठक में कहा कि राज्य में ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने की दिशा में तेजी से कार्य किया जाए। लघु जल विद्युत परियोजनाओं पर विशेष ध्यान दें। कहा कि राज्य की मुख्य अवधारणा में ऊर्जा और पर्यटन प्रदेश था। पर्यटन के क्षेत्र में राज्य में तेजी से कार्य हो रहे हैं, लेकिन ऊर्जा के क्षेत्र में अनेक संभावनाओं पर कार्य करने की जरूरत है।
शहरी क्षेत्रों में बिजली लाइन को भूमिगत करने का कार्य मानसून शुरू होने से पहले पूरा किया जाए। सरकारी भवनों में सोलर रूफ टॉप लगाने का कार्य जल्द पूरा करें। यूजेवीएनएल, यूपीसीएल की जो परिसंपत्तियां उपयोग में नहीं है, उनको उपयोग में लाने के लिए प्रभावी कार्य योजना बनाएं।
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बैठक में अधिकारियों ने बताया कि वर्ष- 2023 में संशोधित जल विद्युत नीति के अनुसार वन टाइम एमनेस्टी के तहत कुल 160.80 मेगावाट के आठ प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई हैं। ये प्रोजेक्ट 2030 तक 1790 करोड़ की लागत से पूरे होंगे। साथ ही 121 मेगावाट के छह प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिली है। इससे क्षेत्र का सामाजिक आर्थिक विकास होगा। यूजीवीएनएल 2028 से तीन पंप स्टोरेज का कार्य शुरू कर 2031 में पूरा करेगा। लगभग 5660 करोड़ की लागत इन तीनों पंप स्टोरेज में इच्छारी , लखवार-व्यासी और व्यासी-कटापत्थर प्रोजेक्ट शामिल हैं।