त्योहारों पर सुरक्षा और यातायात की विशेष व्यवस्था
नवरात्र और दिवाली के मद्देनजर मुख्यमंत्री ने बाजारों, मंदिरों और भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने को कहा। पार्किंग, यातायात डायवर्जन और वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। मसूरी, नैनीताल, हरिद्वार और ऋषिकेश जैसे प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों के लिए भी अग्रिम यातायात योजना बनाने को कहा गया। ऑपरेशन कालनेमि और सत्यापन अभियान में तेजी लाने के साथ संदिग्ध गतिविधियों पर कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कुंभ-2027 की हर सप्ताह होगी समीक्षा हरिद्वार कुंभ-2027 की तैयारियों में देरी पर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से काम पूरा करने के निर्देश दिए। सड़कों, पुलों, घाटों, पेयजल, सीवरेज, स्वास्थ्य सुविधाओं और पार्किंग से जुड़ी परियोजनाओं की साप्ताहिक समीक्षा होगी। वरिष्ठ अधिकारियों को पूर्ण हो चुके कार्यों का संयुक्त स्थलीय निरीक्षण कर कमियां दूर करने को कहा गया। इसके साथ ही उन्होंने आपदा प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत, भोजन, स्वच्छ पेयजल, चिकित्सा सुविधा और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। पर्वतीय और दुर्गम क्षेत्रों में डॉक्टरों, एएनएम तथा स्वास्थ्य वैन की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा।
हर 15 दिन में जिलों का दौरा करेंगे प्रभारी सचिव
मुख्यमंत्री ने जिला योजना के कार्य समय पर पूरे करने, स्वीकृत धनराशि का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत पात्र मतदाताओं के नाम सूची में शामिल करने के निर्देश दिए। प्रभारी सचिवों को हर 15 दिन में आवंटित जिलों का भ्रमण कर विकासखंडवार समीक्षा करने को कहा गया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अधिकारी नियमित रूप से फील्ड में जाकर काम की प्रगति जांचें। लापरवाही और अनावश्यक देरी मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बैठक में गृह सचिव, गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के आयुक्त, सभी जिलाधिकारी, एसएसपी, दोनों पुलिस परिक्षेत्रों के आईजी और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।