जिलाधिकारी ने बताई प्रगति
जिलाधिकारी सविन बंसल ने जिले में संचालित विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समान नागरिक संहिता में जिले में 61 हजार पंजीकरण कराए जा चुके हैं। सीएम हेल्पलाइन पर पंजीकृत 7662 शिकायतों में से 6480 का निस्तारण किया जा चुका है। शेष शिकायतों का समयबद्ध तरीके से निस्तारण किया जा रहा है। जिले में 3,58,536 राशन कार्डों में से 2,81,366 का सत्यापन करते हुए 5,590 कार्ड निरस्त किए गए हैं। इसी तरह 12,06,960 आयुष्मान कार्डों में से 1,36,676 का सत्यापन कर 9,428 कार्ड निरस्त किए गए हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में कुल 57 हेक्टेयर अतिक्रमित भूमि में से 47 हेक्टेयर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जा चुका है।
चार प्रमुख प्रोजेक्ट पर चल रहा काम
जिला प्रशासन ने जानकारी दी कि चार प्रमुख प्रोजेक्ट सहित रिस्पना व बिंदाल एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजनाएं प्रगति पर हैं। साथ ही पांवटा साहिब-बल्लूपुर फ्लाईओवर निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से जुड़ने वाली चार लेन ग्रीनफील्ड सड़क का निर्माण भी जारी है। जिला चिकित्सालय गांधी शताब्दी में मॉडल टीकाकरण केंद्र, रक्त गरुड़ वाहन सेवा और 12 बेड के एसएनसीयू की स्थापना की गई है। प्रोजेक्ट उत्कर्ष के अंतर्गत सरकारी विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं व खेल सामग्री का प्रावधान किया गया है। बाल भिक्षावृत्ति निवारण के तहत 267 बच्चों का रेस्क्यू कर 154 को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा गया है। नंदा-सुनंदा परियोजना के अंतर्गत 93 बालिकाओं को अब तक 33 लाख रुपये की सहायता प्रदान की गई है।
संडे मार्केट और रोड कटिंग के मुद्दे पर गर्माया माहौल
समीक्षा बैठक में उस वक्त माहौल गर्मा गया जब विधायक विनोद चमोली ने संडे मार्केट का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि जिले में कोई भी काम जनप्रतिनिधियों को विश्वास में लेकर नहीं किया जा रहा है। इससे जनता की नाराजगी का सामना बाद में जनप्रतिनिधियों को करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि संडे मार्केट शहर के बीच से हटना था लेकिन ऐसी जगह उसके लिए दे दी गई जहां पहले से ही इतनी भीड़भाड़ रहती है। हर सप्ताह वहां पर जाम में लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। विधायक ने इसके लिए शहर में चार से पांच जगह चिह्नित करने के लिए कहा। इस पर मुख्यमंत्री ने भी जिलाधिकारी को उचित कदम उठाने के निर्देश दिए। रोड कटिंग के मुद्दे पर भी विधायक ने कड़ी नाराजगी जताई जिसके बाद मुख्यमंत्री ने भी कड़े शब्दों में अधिकारियों को रोड कटिंग के काम में समन्वय स्थापित करने के लिए कहा। दरअसल, विधायक चमोली ने कहा था कि रोड कटिंग के कामों की अनुमतियों को बिना जांचे-परखे जारी किया जा रहा है। पहले रोड बन जाती है उसके बाद दूसरे विभाग वहां पर रोड खोदने के लिए आ जाते हैं। इससे जनता बेवजह परेशान हो जाती है। पूरे शहर में इस वक्त यही हो रहा है। हर जगह इन नियमों की अनदेखी की जा रही है। इस पर मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी को स्पष्ट निर्देश दिए कि इसके लिए ठोस कार्ययोजना बनाई जाए।
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सड़कों से जुड़े निर्माण कार्यों के दौरान बिजली, पानी, गैस की भूमिगत लाइन सहित अन्य जो भी कार्य होने हैं, उन्हें संबंधित विभाग आपसी समन्वय कर निर्धारित समयावधि के अन्दर पूरा करें। सभी विभाग वर्षभर में प्रस्तावित कार्यों को सूचीबद्ध कर कार्य करें। जिलाधिकारी से मुख्यमंत्री ने कहा कि एक ऐसी व्यवस्था बनाई जाए जहां सभी विभाग एक दूसरे के साथ मिलकर सड़क पर एक साथ काम करें। इसके बाद वहां पर सड़क बनाई जाए। साथ ही आंतरिक सड़कों के रख-रखाव पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।