मैदानों में उमस भरी गर्मी के उलट पहाड़ों पर ओलों और बारिश ने तबाही मचा दी।
पिथौरागढ़ की मुनस्यारी तहसील के तल्लाजोहार क्षेत्र में रात करीब दो बजे बिजली गिरने और बादल फटने से 150 बकरियों की मौत हो गई।
नाले उफना गए जिससे होकरा गांव को जोड़ने वाले दो पैदल पुल और एक घराट बह गया। पेयजल लाइन का कहीं अता-पता नहीं है। रामगंगा पर बागेश्वर जिले के काभड़ीपैर गांव को जोड़ने वाला अस्थायी पुल भी बह गया। पिथौरागढ़ जिले के नाचनी, क्वीटी, मुनस्यारी, धारचूला, बंगापानी में बृहस्पतिवार शाम से फिर बारिश शुरू हो गई।
आकाशीय बिजली की चपेट में आने से 150 बकरियों की मौत
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बादल फटने से सबसे ज्यादा तबाही किमखेत ग्राम पंचायत के उपदिया गांव और चुधरीग्वार में मची है। वहां पर 150 बकरियों की मौत मलबे और आकाशीय बिजली की चपेट में आने से हुई।
थल-मुनस्यारी रोड पर बनिक के पास एक नाला उफनाने से सड़क का एक हिस्सा टूट गया।
सुबह पांच बजे से 11 बजे तक इस रोड पर यातायात बंद रहने से वाहन फंस गए। थल के ऊपरी रामगंगा घाटी में नदी का जलस्तर बढ़ने से अस्याली पर बना अस्थायी पुल बह गया।
कई दुकानों में मलबा घुस गया
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- फोटो : file photo
बागेश्वर जिले में कपकोट के बिचल्ला दानपुर क्षेत्र के शामा, रमाड़ी, लीती, हाम्टी कापड़ी, रातिकेठी, मल्खाडुंगर्चा, भनार, लाथी, चुचेर और माजखेत आदि गांवों में ओलावृष्टि से रबी की फसल चौपट हो गई।
अल्मोड़ा के जैंती तहसील क्षेत्र में बुधवार देर शाम की ओलावृष्टि और बारिश के कारण जैंती की कई दुकानों में मलबा घुस गया। पैदल रास्तों के किनारे की दीवारें ध्वस्त हो गई। आम, खुमानी, नाशपाती, आडू, सेब, माल्टा, नीबू, प्याज, आलू के फूलों को नुकसान पहुंचा है।
इस दौरान जैंती-भनोली मार्ग बंद हो गया, जिसे मलबा हटाने के बाद खोला गया। रानीखेत क्षेत्र में आकाशीय बिजली से कई इलेक्ट्रानिक उपकरण फुंक गए। बीएसएनएल केंद्र में खराबी आ जाने से इंटरनेट सेवाएं बाधित हो गईं। इस कारण बृहस्पतिवार को नगर के अधिकांश बैंकों में कामकाज प्रभावित रहा।