उत्तराखंड में मौसम करवट बदल रहा है। कभी धूप तो कभी बारिश ने लोगों के जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। कुमाऊं के ज्यादातर जिलों में मूसलाधार बारिश हो रही है।
बलुवाकोट और डीडीहाट तहसील के तल्लाबगड़ क्षेत्र में डेढ़ घंटे की भारी बारिश से लोग दहशत में है। इसके साथ ही नदी-नाले भी उफान पर है।
जगह-जगह भूस्खलन हो रहा है। शुक्रवार को बादल फटने के बाद करीब एक दर्जन दुकानों-मकानों में मलबा और पानी घुसा है। नालों का पानी खेतों में आने से खेत मलबे से पट गए हैं। जौलजीबी तल्ला-बगड़ मार्ग लखनपुर के पास मलबा आने से बंद हो गया है। इसके साथ ही क्षेत्र के तीन और मार्ग भी बंद है। हालांकि, मार्गों को खुलवाने के लिए लोकनिर्माण विभाग की टीम मौके पर पहुंच गर्इ है।
थलीसैंण के बमोर्थ गांव में शुक्रवार शाम शाम साढ़े चार बजे बादल फटने से पांच गोशालाएं दब गई। घटना की सूचना पर पुलिस और प्रशासन की टीम मौके के लिए रवाना हो गई है। बताया गया है कि कुछ मवेशी भी मलबे में दब गए हैं।
दो से तीन पुलिया भी बह गई है। इसके अलावा बारातघर और ग्रामीणों के भवनों को भी नुकसान हुआ है। बारिश से जगह-जगह रास्ते में मलबा आ गया है। इससे मार्ग बंद होने से घटनास्थल पर पहुंचने में दिक्कत हो रही है। इसी ब्लॉक के एक अन्य गांव स्योली तल्ली में भी बारिश से नुकसान हुआ है। यहां दो दोपहिया वाहन बहने की सूचना है।
वहीं टहरी में घनसाली के भिलंगना ब्लॉक में शुक्रवार शाम साढ़े पांच बजे भारी बारिश होने से कई गदेरे उफान पर आ गए, जिससे दो पुलिया, खेत, पेयजल लाइनें और पैदल रास्ते क्षतिग्रस्त हो गए। गांव की दर्जनों नाली खेती में भी मलबा घुस गया। कोटी फैगूल में पडागली और इंद्रोला गांव की पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो गई और खेतों में मलबा घुस गया। तेज बारिश के साथ गदेरे के उफान पर आने से ग्रामीण खासे दहशत में हैं।
बड़कोट में शुक्रवार शाम हुई मूसलाधार बारिश से नौगांव ब्लाक के गंगटाड़ी गांव का गदेरा उफान पर आ गया। गंगटाड़ी के पूर्व प्रधान भरत सिंह राणा ने बताया कि यहां नेपाली मूल के एक परिवार के तीन सदस्य गदेरे के उफान में बह गए। हादसे के दौरान आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह राम सिंह (52 वर्ष) और उसकी पत्नी धनसारी देवी(45) को तो बचा लिया, लेकिन राम सिंह की सात वर्षीय बेटी सावित्री लापता हो गई।
सूचना मिलते ही एसडीआरएफ एवं प्रशासन की टीम तत्काल मौके लिए रवाना हुई, लेकिन राजगढ़ी-गंगटाड़ी मार्ग भूस्खलन से अवरुद्ध होने के कारण यह टीम गांव तक नहीं पहुंच पाई है। गदेरे में बही लड़की का अभी तक कुछ पता नहीं चल पाया है। यमुना घाटी के कुपड़ा गांव में तेज हवाओं के कारण पूर्व प्रधान केंद्र सिंह राणा के घर की टीन की छत उड़ गई, जबकि बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है।