रविवार शाम को कर्णप्रयाग, गैरसैण, आदिबदरी सहित आसपास के क्षेत्रों में बारिश आने से मौसम सुहावना हो गया है। बारिश से जंगलों की आग बुझ गई और लोगों को धुआं छंटने से काफी राहत मिली। गांवों में बारिश के लिए इंद्रदेव को मनाने में जुटे किसानों ने भी खुशी जताई है।
पिछले एक सप्ताह से कर्णप्रयाग में जंगलों की आग से फैले धुएं और गर्मी से लोग बेहाल थे। रविवार शाम को करीब चार बजे तेज बारिश आने के बाद धुंध पूरी तरह से छंट गई। बारिश से नगर में नालियां बंद होने से पूरा पानी सड़क पर फैल गया, इससे सड़क और पैदल रास्तों में आवाजाही करने वालों को दिक्कतें हुईं। नालियां बंद होने पर व्यापारियों ने खुद नालियों से कूड़ा हटाया।
बारिश के कारण तापमान में आई गिरावट से जंगलों की आग भी काफी हद तक नियंत्रण में आ गई है जिससे वन और अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों को कुछ राहत मिली है।
बता दें कि बीते कुछ दिनों से जिले का तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच रहा था जिससे चिन्यालीसौड़, डुंडा, बड़कोट व पुरोला क्षेत्र के जंगलों में लगातार आग लगने की घटनाएं हो रही थीं। आलम यह रहा कि बीते पांच दिनों के भीतर ही आग लगने की करीब तीन दर्जन से अधिक घटनाओं में जिले का लगभग 60 हेक्टयेर वन क्षेत्र प्रभावित हो गया।