उत्तराखंड में बादलों की तबाही का सिलसिला जारी है। गुरुवार देर रात चमोली जिले में जोशीमठ के चांई गांव में अतिवृष्टि से कोहराम मच गया। वहीं नैनीताल जिले के लालकुंआ क्षेत्र में आकाशीय बिजली गिरने से एक की मौत हो गर्इ है।
गुरुवार देर रात करीब डेढ़ बजे चांई गांव में अतिवृष्टि से गोशाला, खेत और सड़क बह गए। कई मवेशियों के मरने की सूचना भी है। सूचना पर राजस्व व पशुपालन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। गांव वालों का कहना है कि देर रात गांव के ऊपर अतिवृष्टि हुई। गनीमत यह रही कि गांव के पास का नाला तीन भागों में बट गया। वरना बड़ा हादसा हो सकता था।
अतिवृष्टि से पैदलमार्ग सहित मुख्य सड़क को भी नुकसान हुआ है। प्रशासन इस घटना को बादल में कम दबाब के चलते एक जगह पर जोरदार बारिश होना मान रही है। इस साल लगातार दो बार चांई गांव में इस तरह की घटना हो चुकी है।
इधर, लालकुआ में बिंदुखत्ता के इंदिरा नगर नम्बर दो में आकाशीय बिजली गिरने से पूर्व सैनिक की मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक शुक्रवार की सुबह बादलों की गड़गड़ाहट के बीच उमेद सिंह (55) पुत्र मेहरबान सिंह खेत से जानवर भगाने गए थे। तभी आकाशीय बिजली ने उन्हें चपेट में ले लिया। जिससे उनकी मौत हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्ट मार्टम के लिए भेज दिया है।
चंपावत जिले में पूर्णागिरि धाम मार्ग में बाटनागाड़ में बारिश से मलबा आने से साढे़ तीन घंटे मार्ग बंद रहा। नैनीताल में दोपहर बाद बारिश शुरू हो गई।