11 सूत्री मांगों को लेकर निगम परिसर में धरना-प्रदर्शन कर रहे सफाईकर्मियों की मंगलवार को मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कैलाश जोशी से तीखी नोकझोंक हो गई। बाद में अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों ने बीच बचाव कर दोनों पक्षों को शांत कराया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वर्षों से सफाई व्यवस्था में जुटे कर्मियों की मांगों को सरकार लगातार अनदेखा कर रही है।
मंगलवार को भी सफाई कर्मियों ने निगम परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। नारेबाजी करते हुए आंदोलन उग्र करने की चेतावनी दी। शाखा अध्यक्ष राकेश कुमार ने कहा कि कोरोना के दौरान सबसे ज्यादा काम सफाईकर्मियों, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने किया। बाकी दोनों को तो सरकार ने पूरा सम्मान दिया, लेकिन सफाईकर्मियों की सुध नहीं ली गई। इससे कर्मियों में गुस्सा बढ़ता जा रहा है। इस दौरान डॉ. जोशी वहां पहुंचे तो दोनों पक्षों के बीच बहस हो गई। काफी देर तक हंगामा होता रहा। कर्मचारियों ने कहा कि वो 20-20 वर्षों से सफाई के काम में लगे हैं, उन्हें केवल आठ हजार रुपये दिए जा रहे हैं। जब सरकार सबके बारे में सोच रही है तो इन कर्मियों के बारे में क्यों नहीं सोचा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि कर्मचारी सफाई की ठेका व्यवस्था को समाप्त कर पदों को दोबारा जीवित करने, एक हजार जनसंख्या पर पांच कर्मियों का मानक तय करने, निगम के ढांचे में संशोधन करने, कर्मचारियों की पदोन्नति बहाल करने समेत 11 सूत्री मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब तक मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं हो जाता, कर्मचारी चुप नहीं बैठेंगे।
इस दौरान सचिव मुकेश कुमार, सोनू जयपाल, दीपक, सतीश बिष्ट, जितेंद्र, रवि, मन्नू, अविनाश, सुमित, रमेश, विशाल, प्रवेश, राहुल, ऊषा, विमला, कविता देवी, आशा, सुनीता, नीतू, रमेशो, नीलम, माया, अंजना समेत अन्य मौजूद रहे।