दलजीत भी वहीं ठेकेदार करता है। मृतक दीपक के पिता मोहन सिंह ने चालक दलजीत सिंह पर लापरवाही से वाहन चलाने का आरोप लगाते कालाढूंगी थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
दीपक की कार को पुलिस ने पहाड़ जाने से पहले बैरियर पर रोक लिया था, सिफारिश करने पर पुलिस ने कार को छोड़ दिया। इसके बाद दीपक ने अपनी मां को कॉल कर बताया कि वह सुबह तक घर पहुंच जाएगा। परिजनों ने बताया कि दीपक दो भाइयों में बड़ा था। वह प्रत्येक बात अपनी मां को बताता था।
रात में भी उसने अपनी मां को रास्ते में होने और सुबह घर आने का वादा किया था। कार सीधे रानीखेत के रास्ते पर ले जाने के बजाय कालाढूंगी की तरफ कार क्यों मोड़ दी गई, यह सवाल अनुत्तरित है।
पुलिस ने भी घायल ठेकेदार का बयान नहीं लिया है। बेटे के मौत की सूचना पर लाडले का चेहरा देखने के लिए मोर्चरी पहुंची मां बेटे को देखते ही बेहोश हो गई। परिजनों ने किसी तरह मां को संभाला।