नियम विरुद्घ चल रहे विक्रमों के विरोध में सिटी बस संचालकों की हड़ताल से यात्रियों को सड़कों पर भटकना पड़ा। उन रूटों में सबसे ज्यादा दिक्कत लोगों ने झेली। जहां पर सिटी बस के अलावा यातायात का और कोई साधन नहीं है।
यात्री रहे परेशान
सिटी बस संचालकों ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय पार्क से जुलूस निकाला और नारेबाजी करते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने एडीएम प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। हड़ताल में शहर के 13 रूटों पर संचालित होने वाली 225 बसों के पहियें पूरी तरह से जाम रहे। सबसे ज्यादा परेशानी डोईवाला रूट, डिफेंस कॉलोनी रूट, सहस्त्रधारा रोड, डीएल रोड, सीमाद्वार और एमडीडीए रूट के यात्रियों को हुई। इन रूटों के यात्री दिन भर पैदल चलते हुए दिखे।
घंटों इंतजार
हड़ताल से सबसे ज्यादा समस्या उन लोगों को भी हुई जो बाहरी जिलों से दून पहुंचे थे। ऐसे लोग रिस्पना पुल और आईएसबीटी में बस के इंतजार में घंटों खड़े रहे। बाद में मजबूरन उन्हें आटो बुक कर गंतव्य की तरफ जाना पड़ा। प्रेमनगर-परवल सिटी बस रूट के संरक्षक विजय वर्धन डंडरियाल ने बताया हड़ताल से लगभग अस्सी हजार यात्री प्रभावित हुए। उन्होंने देहरादून शहर में संचालित विक्रमों का परमिट ठेका परमिट का है।
नियमों के खिलाफ
विक्रम स्टेज कैरिज के हिसाब से संचालित हो रहे हैं। जो कि नियमों के खिलाफ है। जगह-जगह पर सवारियां उतार और चढ़ा केवल सिटी बस ही सकती है। विक्रमों के नियम विरूद्घ चलने की शिकायत कई बार आरटीओ और पुलिस से भी की जा चुकी है। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसलिए मजबूरन हड़ताल का रास्त अख्तियार करना पड़ा।
विक्रम और आटो की चांदी
देहरादून। बसों की हड़ताल से विक्रम और आटो संचालकों ने जमकर चांदी काटी। अन्य दिनों के अपेक्षा विक्रमों को जहां ज्यादा सवारियां मिली। वहीं आटो भी दिन भर व्यस्त रहे। कई जगह तो आटो ने भी फुटकर सवारियों को ढोया।
धरना भी दिया
चक्काजाम के बाद सिटी बस संचालाकों ने पंडित दीन दयाल उपाध्याय पार्क में धरना भी दिया और आरटीओ और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी भी की। इस दौरान अनुल चंदेल, केसर सिंह रावत, सुभाष शर्मा, गोपाल भंडारी, विपिन शर्मा, हुकुम भंडारी, पंकज गुप्ता, अनुज गोयल, सोनू उपाध्याय, भगवती प्रसाद भट्ट, सतनाम सिंह, जगवीर सजवाण, रघुवीर नेगी, जीतेंद्र सोलंकी, उपेंद्र रावत, देवेंद्र गेरौला आदि उपस्थित रहे।