मंगलवार रात से ही देहरादून के गिरिजाघरों में प्रभु यीशु के जन्म पर कैरोल्स और बधाई का सिलसिला शुरू हो गया था।
क्रिसमस के मौके पर रात बारह बजते ही लोगों ने केक काट एक-दूसरे को बधाई देना शुरू कर दिया। सेंट फ्रांसिस चर्च सहित शहर में अन्य जगहों पर रात बारह बजे सेलीब्रेशन किया गया। बुधवार की सुबह भी जगह-जगह विशेष प्रेयर की जाएगी।
प्रभु यीशु के जन्म के समय के दृश्यों को दर्शाया
सैंट फ्रांसिस चर्च में चरनी बनाई गई है। इसके माध्यम से प्रभु यीशु के जन्म के समय के दृश्यों को दर्शाया गया है। मदर मरियम के ग्रोटों को रूई और रंग-रोगन से खूबसूरत बनाया गया है। यहां लोग कैंडल्स जलाएंगे।
चरनी के सामने खूबसूरत तालाब बनाया गया है। फादर वॉलेरियन पिंटो ने बताया कि मिड नाइट प्रेयर के साथ ही केक सेलीब्रेशन किया गया। मॉरिसन मेमोरियल चर्च में रात की सर्विस के पश्चात बॉन फायर किया गया।
पास्टर सुनील ए ल्युक ने बताया कि चरनी बनाने के लिए गोआ से सामग्री मंगाई गई थी लेकिन समय से नहीं पहुंची। ऐसे में लाइटिंग आदि ही की गई है। सेंट थॉमस चर्च में भी वॉच नाइट सर्विस हुई और रात दस बजे विशेष प्रेयर की गई। इसके साथ ही प्रभु यीशु के जन्म का संदेश दिया गया।
वरशिप के बाद केक फीस्ट
नेशविला रोड स्थित सेंट्रल मेथोडिस्ट चर्च में मिड नाइट प्रेयर नहीं हुई। यहां सुबह दस बजे से वरशिप शुरू होगी। चर्च में केक फीस्ट का आयोजन किया जाएगा।
यही नहीं शाम को पांच बजे दूसरी जाति के लोगों के लिए प्रेयर और कैंडल्स लाइटिंग का भी विशेष इंतजाम होगा। चर्च के पास्टर दिनेश प्रसाद ने बताया कि सब लोग अपने-अपने घर में बनाया केक लाएंगे जिसे एक साथ काटा जाएगा और सब शेयर करके खाएंगे।
इसके पीछे मकसद यही है कि प्रभु कभी किसी के साथ जाति आदि जैसे भेदभाव नहीं करते। इसके माध्यम से लोगों को समानता का संदेश दिया जाएगा। वहीं शाम को हमारी युवा टीम दूसरे लोगों के लिए प्रेयर का इंतजार करेगी।
तीस साल बाद सबसे पुरानी चर्च में भी धूमधाम
राजपुर रोड स्थित सेंट थॉमस चर्च में फिर से धूमधाम होगी। करीब तीस साल बाद यहां बड़े स्तर पर क्रिसमस सेलीब्रेशन हो रहा है। इसके लिए यूथ टीम वहां जुटकर तैयारी कर रही है।
चर्च की पास्टर ज्योति सिंह ने बताया कि यह 1840 की यह चर्च शहर में सबसे पुरानी है। पहले तक सेंट थॉमस और मॉरीसन मेमोरियल चर्च में संयुक्त रूप से सेलीब्रेशन किया जाता था तो मॉरीसन में बड़ा आयोजन और सेंट थॉमस में छोटी प्रेयर ही कर ली जाती थी।
लेकिन अब इसकी जिम्मेदारी अलग से ले ली गई है। यहां पुनर्निर्माण का काम शुरू करा दिया गया है। करीब तीस साल बाद यहां धूमधाम से क्रिसमस मनाया जा रहा है। इसमें मिड नाइट प्रेयर की गई और केक सेरेमनी भी हुई। बुधवार को विशेष प्रेयर के बाद लंच का भी आयोजन किया गया है।