चमोली से लगे भारत-चीन सीमा क्षेत्र बाड़ाहोती में चीन की ओर से बार-बार घुसपैठ की जा रही है। बताया जा रहा है कि बीते दस मार्च को चीनी सेना के तीन हेलीकॉप्टर भारत की सीमा पर करीब चार किलोमीटर अंदर घुस आए।
हेलीकॉप्टर करीब पांच मिनट तक आसमान में मंडराने के बाद चले गए। हालांकि मामले की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। चमोली जिला प्रशासन और आईटीबीपी के अधिकारी चीनी सैनिकों की घुसपैठ से इंकार कर रहे हैं।
चमोली से लगे सीमा क्षेत्र बाड़ाहोती में चीन की ओर से कई बार घुसपैठ की कोशिश की जा चुकी है। चीन की ओर से विगत वर्ष 25 जुलाई को भी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के करीब 200 जवान भारत की सीमा में करीब एक किलोमीटर अंदर तक घुस आए थे। उन्होंने यहां भारतीय चरवाहों को धमकाया और वापस चले जाने को कहा था। मामला प्रकाश में आने के बाद देशभर में खलबली मच गई थी।
इस प्रकार के किसी मामले की जानकारी नहीं
India-China border
इस बार भी बताया जा रहा है कि बीते दस मार्च को चीनी हेलीकॉप्टर भारत की सीमा में करीब 18 किलोमीटर तक घुस आए थे।
इधर, चमोली के जिलाधिकारी आशीष जोशी का कहना है कि सीमा क्षेत्र में किसी भी प्रकार की कोई गतिविधि की सूचना नहीं मिली है। सेना व आईटीबीपी की ओर से भी इस प्रकार के किसी मामले की जानकारी नहीं दी गई है।
आईटीबीपी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि चीन सीमा क्षेत्र बाड़ाहोती में इन दिनों कड़ाके की ठंड पड़ रही है। यहां होतीगाड़ के साथ ही कई छोटे-बड़े नाले पाले से जम गए हैं। दूर-दूर तक फैली चोटियों पर भी बर्फ जमीं हुई है।
कब-कब हुई चीन की घुसपैठ
China
वर्ष 2014- सीमा क्षेत्र में अंतिम चौकी रिमखिम के पास चीनी हेलीकॉप्टर देर तक आसमान में मंडराता रहा।
वर्ष 2015- चीनी सैनिकों की ओर से भारतीय सीमा में घुसकर भारतीय चरवाहो के खाद्यान्न को नष्ट कर दिया गया।
वर्ष 2016- सीमा क्षेत्र के निरीक्षण के लिए गई चमोली जिला प्रशासन की टीम का चीनी सैनिकों से सामना हुआ।
3 जून वर्ष 2017- सीमा क्षेत्र बाड़ाहोती में दो चीनी हेलीकॉप्टर करीब तीन मिनट तक आसमान में मंडराते रहे।
25 जुलाई वर्ष 2017- सीमा क्षेत्र में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के करीब 200 जवान भारत की सीमा में करीब एक किलोमीटर अंदर तक घुसे।