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भारतीय सीमा पर ‘ड्रैगन’ बिछा रहा है नया जाल, हर सुबह नजर आती है नई सड़क

Sun, 16 Sep 2018 09:24 AM IST
भक्त दर्शन पांडेय/ अमर उजाला, पिथौरागढ़
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भारत चीन बॉर्डर - फोटो : फाइल फोटो
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चीन अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। चीन ने भारत के खिलाफ अब एक नया जाल बिछाना शुरू कर दिया है। चीन ने भारतीय सीमा के नजदीक तक डबल लेन सड़क का निर्माण पूरा कर दिया है। कैलाश मानसरोवर यात्रा पूरी कर लौटे यात्रियों पर यकीन किया जाए तो चीन में आंख खोलने पर हर सुबह एक नई सड़क बनी हुई नजर आती है। 

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चीन लिंपियाधूरा सीमा तक पहले ही हाईवे का निर्माण भी कर चुका है। कैलाश यात्रा से लौटे 15वें दल के अधिकारी संजीव कुमार ने बताया कि चीन में सड़कों का निर्माण तेजी से हो रहा है। चीन ने भारतीय सीमा तक डबल लेन पक्की सड़क बनी है। 

चीन की पहाड़ियों में भी चारों ओर सड़कों का जाल बिछा है। हर सुबह एक नई सड़क बनी नजर आती है। यात्रियों के मुताबिक चीन में सड़कों का जाल बिछा होने से आपदा काल में किसी सड़क पर भूस्खलन होने पर दूसरी सड़क से वाहन संचालित किए जाते हैं।

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भारत की ओर सीमा पर बेहद सुस्त चाल

कैलाश मानसरोवर यात्रा पूरी कर लौटे यात्री
वर्ष 2007 में धारचूला तहसील में गर्बाधार से लिपूलेख और मुनस्यारी में तिब्बत सीमा पर स्थित अंतिम गांव मिलम के लिए सड़क बननी शुरू हुई थी। सड़क निर्माण का जिम्मा सीमा सड़क संगठन को दिया गया। 

लीपूलेख तक बन रही सड़क निर्माण की समय सीमा 2014 तय की गई थी, लेकिन खड़ी चट्टानों के कारण गर्बाधार से आगे सड़क निर्माण का काम धीमा पड़ गया। यही हाल मुनस्यारी से मिलम के लिए बन रही सड़क का भी है।

इस सड़क के निर्माण कार्य को पूरा होने की अवधि 2016 तय की गई थी, लेकिन तय अवधि के दो वर्ष बाद भी सड़क का काम पूरा नहीं हुआ है। चीन सीमा तक सड़क नहीं बनने से कैलाश मानसरोवर यात्रियों को पांच पड़ावों से होते हुए पैदल लीपूपास दर्रा पार कर चीन सीमा तक पहुंचना पड़ता है।  
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