कैलाश मानसरोवर यात्रा पूरी कर लौटे यात्री
वर्ष 2007 में धारचूला तहसील में गर्बाधार से लिपूलेख और मुनस्यारी में तिब्बत सीमा पर स्थित अंतिम गांव मिलम के लिए सड़क बननी शुरू हुई थी। सड़क निर्माण का जिम्मा सीमा सड़क संगठन को दिया गया।
लीपूलेख तक बन रही सड़क निर्माण की समय सीमा 2014 तय की गई थी, लेकिन खड़ी चट्टानों के कारण गर्बाधार से आगे सड़क निर्माण का काम धीमा पड़ गया। यही हाल मुनस्यारी से मिलम के लिए बन रही सड़क का भी है।
इस सड़क के निर्माण कार्य को पूरा होने की अवधि 2016 तय की गई थी, लेकिन तय अवधि के दो वर्ष बाद भी सड़क का काम पूरा नहीं हुआ है। चीन सीमा तक सड़क नहीं बनने से कैलाश मानसरोवर यात्रियों को पांच पड़ावों से होते हुए पैदल लीपूपास दर्रा पार कर चीन सीमा तक पहुंचना पड़ता है।