देहरादून। गढ़ी कैंट स्थित गोरखाली सुधार सभा में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पांचवे दिन भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया। इसके बाद गोकुल आगमन, पूतना वध, माखन चोरी की लीला के बारे में बताया।
कथाव्यास नारायण प्रसाद आचार्य ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने बाल्यकाल से ही अपनी अलौकिक लीलाओं के माध्यम से संसार को धर्म, प्रेम और भक्ति का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भगवान की बाल लीलाएं केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि मानव जीवन को प्रेम, सरलता और ईश्वर भक्ति का मार्ग दिखाने वाली हैं। भगवान अपने भक्तों के प्रेम रूपी माखन को ग्रहण करते हैं। इस अवसर पर पंडित मधुसूदन ज्ञवाली, दुर्गेश गौतम, हरिहर गौतम, रेमनाथ पौडेल आदि मौजूद रहे।