नैनीताल जिले में आयरन की गोलियां खाने से सोमवार को जूनियर हाईस्कूल बिजरौली (पांडेगांव) में भोजनमाता समेत 16 बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। सभी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया।
फिलहाल बच्चों की हालत खतरे से बाहर है। चिकित्सा अधीक्षक ने आयरन की गोलियों के पत्ते जांच के लिए कब्जे में लिए हैं।
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राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन योजना के तहत स्कूली बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए सप्ताह में एक दिन मिड डे मील के बाद आयरन और फोलिक एसिड की गोलियां दी जाती हैं।
आयरन की गोलियां खाने से गड़बडी
इस विकासखंड के बिजरौली स्कूल में जब बच्चों ने दोपहर का भोजन किया तो शेड्यूल के आधार पर उन्हें शिक्षकों ने आयरन की गोलियां खाने को दी।
गोली खाने के आधा घंटे बाद ही अलग-अलग कक्षाओं में अध्ययनरत तनुजा रावल (13), बबीता आर्या (13), गुंजन (12), ईशा ठाकुर (11), चंपा (12), मनीषा (14) और योगेश (12) ने उल्टी आने, पेट में दर्द होने, जी मिचलने और सिर दर्द की शिकायत की।
प्रशासन के हाथ-पांव फूले
एकसाथ बच्चों में इस समस्या को सुन विद्यालय प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। अध्यापक हरिओम चौहान और भगवती सुयाल ने बच्चों को सीएचसी पहुंचाया।
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सूचना मिलने पर संकुल प्रभारी सुरेश सुयाल, मिड डे मील प्रभारी बंशीधर कांडपाल, शिक्षक जगत सिंह भी अस्पताल पहुंचे। चिकित्सा अधीक्षक डा. सुधीर कन्याल ने बच्चों की हालत को देखते हुए उन्हें भर्ती कर लिया।
कुछ ही देर में स्कूल से मनीष (11), संदीप (12), अनुराग (12), चंद्रशेखर (13), प्रदीप कुमार (11), हेम चंद्र (14), दीपक आर्या (14), सचिन कुमार (13) और लोकेश (12) को भी उनके अभिभावक अस्पताल ले आए।
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इलाज के बाद छुट्टी दे दी
इन सभी बच्चों को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई। इधर, सीएचसी चिकित्सा अधीक्षक डा. कन्याल ने बताया कि दवा के एक पत्ते को जांच के लिए रखा गया है।
इधर, मुख्य शिक्षा अधिकारी अनिल कुमार भोज ने भी अस्पताल पहुंचकर बीमार बच्चों का हाल जाना। वहीं इस विद्यालय की भोजनमाता हेमा आर्या (25) ने भी एक गोली खाई थी, लेकिन वह भी बीमार पड़ गई।