राजधानी में दूसरे दिन भी शनिवार को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव हर्षोल्लास से मनाया गया। देर रात तक कन्हैया के भजनों पर श्रद्धालु झूमते रहे। वहीं जगह-जगह सजाए गए बाल कलाकारों ने श्रद्धालुओं का मन मोहा।
श्री नरवदेश्वर महादेव सेवा समिति की ओर से सहारनपुर रोड स्थित आदर्श मंदिर में दो दिवसीय भजन संध्या का समापन हुआ। कन्हैया की बाल लीलाओं का वर्णन किया गया। बालक-बालिकाओं ने कन्हैया के माखन चोरी का मंचन किया। कार्यक्रम में बाल कलाकारों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर अशोक कुमार वर्मा, मंगतराम धीमान, मुन्नालाल, अरुण कुमार शर्मा, राजू सभरवाल, गोपाल शर्मा, राधेश्याम भल्ला, रमन सेठी, सतीश कौशिक, राकेश धीमान, सुनील कोहली आदि मौजूद रहे।
आशिमा विहार आवासीय कल्याण समिति की ओर से शिव शक्ति मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर कॉलोनी के बच्चों ने कन्हैया की वेशभूषा प्रस्तुति दी। इस अवसर पर डीएस रमोला, सुमित्रा पंवार, रीना दुआ, दिनेश निर्मल, रवि जैन आदि मौजूद रहे।
श्रीश्री राधा माधव समिति की ओर से द्रोणपुरी में बच्चों से शानदार प्रस्तुति दी। वृंदावन से पधारे संतों ने हरिनाम संकीर्तन, प्रवचन और महाभिषेक के बाद कन्हैया की आरती की। इस मौके पर अनिमा कपूर, कल्पना मित्तल, राशि वांसदी, मंजू गुप्ता, रितु चौहान, ममता गर्ग, दिवाकर, सुधा पांडे आदि मौजूद रहे।
अंतरराष्ट्रीय कृष्ण भावना मृत संघ (इस्कॉन) ने ओएनजीसी कम्युनिटी सेंटर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाई। शाम सात बजे संध्या आरती और हरि नाम संकीर्तन हुआ। भजन संध्या में प्रदीप सिंह, ब्रज मोहन शर्मा ने भजनों से समा बांध दिया। इस्कॉन के अध्यक्ष केशव भारती दास ने कहा कि राधा-कृष्ण भारत की आत्मा है। रात 11 बजे भगवान लड्डू गोपाल का महाभिषेक किया गया। इस अवसर पर कान्हा के जयकारों से वातावरण गूंजायमान रहा। इसके बाद भोग लगाया गया। रात 12:30 बजे महाप्रसाद बांटा गया।
श्री कालिका मंदिर में विराजमान ठाकुर जी व लड्डू गोपाल के स्वरूपों का विशेष श्रृंगार के साथ अभिषेक किया गया। रात्रि में प्रमोद श्रीवास्तव व धोनी कुलदीप ने ठाकुर जी का गुणगान किया गया। रात्रि 12 बजते ही भक्तों ने कन्हैया के जयकारों लगाने शुरू कर दिए। इस अवसर पर जयकिशन कक्कड़, सुरेंद्र कुमार, एनके दत्ता, एलडी अरोड़ा, गुलशन कुमार, शेर सिंह, नरेश मैनी, विजय अरोड़ा, संजय आनंद, महेश ग्रोवर आदि मौजूद रहे।
कन्हैया को झूलाया झूला
सनातन धर्म गीता भवन में आयोजित दो दिवसीय श्रीकृष्ण की लीलाओं के मंचन कार्यक्रम का समापन हुआ। रात्रि 12 बजे परिसर भगवान जगन्नाथ के जयकारों से गूंज उठा। भक्तों ने कन्हैया को झूला झुलाया। कृष्ण लीलाओं का व्यक्त करती झांकियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहीं। कार्यक्रम में बच्चों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुति दी।