कृमि दिवस पर कीड़े मारने की दवा खाने से एक सरकारी स्कूल के 11 बच्चों की हालत बिगड़ गई। इनमें से नौ बच्चे बेहोश हो गए। 108 की मदद से इन्हें सिविल अस्पताल रुड़की पहुंचाया गया। जहां डाक्टरों ने इन्हें भर्ती कर दिया। बच्चों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
बुधवार को कृमि दिवस के उपलक्ष्य में सभी सरकारी स्कूलों, आंगनबाड़ी और स्वास्थ्य केंद्रों पर पांच वर्ष से 19 वर्ष तक के बच्चों और युवाओं को पेट के कीड़े मारने की दवा ऐलबेंडाजोल की टेबलेट्स खिलाई गई। ब्लॉक रुड़की के राजकीय प्राथमिक विद्यालय धर्मपुर में भी यह दवा खिलाई गई।
इसे खाने के साथ ही 11 बच्चे उल्टी और चक्कर आने की शिकायत करने लगे। प्रधानाध्यापक पूनम ने बच्चों को लिटाया और पानी आदि पिलाया। इससे दो बच्चों की हालत सुधर गई। जबकि शेष नौ बच्चे सुध-बुध खो बैठे। इसकी भनक लगते ही ग्रामीणों की भीड़ स्कूल की ओर दौड़ पड़ी। स्कूल प्रबंधन की सूचना पर 108 मौके पर पहुंची और सभी नौ बच्चों को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया। डा. पीके दुबे ने बताया कि बच्चे खतरे से बाहर हैं। कुछ को होश आना शुरू हो गया है।
इन बच्चों की बिगड़ी हालत
धर्मपुर निवासी रिया (9 वर्ष), हिमांशु (9 वर्ष), वरुण (8 वर्ष), अभिषेक (9 वर्ष), वर्षा (9 वर्ष), साक्षी (7 वर्ष), विभा (10 वर्ष), गायत्री (9 वर्ष) एवं कमेलपुर निवासी अंजली (10 वर्ष) सिविल अस्पताल में भर्ती हैं। जबकि सूरज (8 वर्ष) और बृजेश (8 वर्ष) कुछ देर के बाद ठीक हो गए थे। इन दोनों बच्चों को अस्पताल नहीं लाया गया।
विद्यालय में 62 छात्र-छात्राओं को ऐलबेंडाजोल की टेबलेट दी गई थी। इससे पहले बच्चों को मिड-डे मिल खिलाया गया था, लेकिन टेबलेट खाने के बाद कुछ बच्चों की हालत बिगड़ गई। उन्हें उपचार के लिए तुरंत अस्पताल लाया गया। अब बच्चों की हालत खतरे से बाहर है।
- पूनम, प्रधानाध्यापिका, राजकीय प्राथमिक विद्यालय धर्मपुर, ब्लॉक रुड़की