ग्राम पंचायत केदारावाला में बाल संरक्षण समिति की बैठक आयोजित की गई। सात आंगनबाड़ी केंद्रों में कुपोषित एवं अतिकुपोषित सात बच्चों में से पांच बच्चों के कुपोषण के दायरे से बाहर आने पर प्रशंसा जताई गई।
राज्य बाल संरक्षण समिति के सदस्य सुधीर भट्ट ने कहा कि बाल संरक्षण समिति ग्राम स्तर पर बाल श्रम, बाल यौन शोषण, पलायन, मानव व्यापार, बाल विवाह जैसी कुप्रथा पर रोक लगाने में अहम भूमिका निभाती है।
समिति की अध्यक्ष और प्रधान तबस्सुम इमरान ने कहा कि हमारी जिम्मेदारी बनती है कि हम बच्चों के लिए प्रदान की जा रही सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की जानकारी समुदाय को प्रदान करे। पंचायत स्तरीय बाल संरक्षण समिति पंचायत स्तर पर बच्चों से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए कार्य योजना बनाएगी।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने आंगनबाड़ी सहायिका के रिक्त चल रहे चार पदों पर तत्काल नियुक्ति, किराए के भवन में चल रहे आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए भवन उपलब्ध कराने और शीतकाल अवकाश की मांग की। सदस्यों ने हीमोग्लोबिन जांच शिविर लगाने की मांग की। इस मौके पर पूर्व ग्राम प्रधान इमरान खान, प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक गुलाब सिंह, एएनएम मीनू, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सरोज सुयाल, सहाना, नसीमा बेगम, साइना, समसिदा, ताहिरा मलिक, फुरकान आदि मौजूद रहे।